किसान व जनहित में भूपेश सरकार का एक और बड़ा फैसला : अंकित

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के संदस्य अंकित बागबाहरा ने कहा है  कि  किसान व जनहित में भूपेश सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है.

पिथौरा| छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के संदस्य अंकित बागबाहरा ने कहा है  कि  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी की कांग्रेस सरकार ने कैबिनेट की बैठक में फ़ैसला लिया है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को राजस्व पुस्तक परिपत्र के तहत सरकार की ओर से सहायता दी जाती थी. लंबे समय से सहायता राशि में बदलाव नहीं हुआ था, जिसकी वजह से किसानों को प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई नहीं हो पाती थी. ऐसे में राजस्व पुस्तक परिपत्र में संशोधन कर सहायता राशि को बढ़ाया गया है. जिसमें फसल, मकान, जमीन और मवेशी आदि के नुकसान का मुआवजा बढ़ाया गया है.
अंकित ने बताया इसके तहत राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधान में परिवर्तन कर वर्तमान में 12,200 रूपए प्रति हेक्टेयर का प्रावधान है। नवीन प्रावधान में इसे बढ़ाकर 18,000 रूपए प्रति हेक्टेयर किया गया है। भू-स्खलन/नदी से भूमि हानि के लिए वर्तमान प्रावधान 37,500 रूपए प्रति हेक्टेयर को नवीन प्रावधान में बढ़ाकर 47,000 रूपए प्रति हेक्टेयर, असिंचित भूमि में कृषि बागानी फसल हानि पर वर्तमान में 6,800 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान में 8,500 रूपए प्रति हेक्टेयर, सिंचित भूमि में कृषि बागानी फसल हानि पर वर्तमान में 13,500 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान में 17,000 रूपए प्रति हेक्टेयर, बारहमासी फसल हानि पर वर्तमान में 18,000 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान में 22,500 रूपए प्रति हेक्टेयर किया गया है।
इसी प्रकार बड़े दुधारू पशु की हानि पर वर्तमान प्रावधान 30,000 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 37,500 रूपए, छोटे दुधारू पशु की हानि पर वर्तमान में 3,000 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 4,000 रूपए, पोल्ट्री के लिए वर्तमान प्रावधान 5,000 रूपए प्रति परिवार, 50 रूपए प्रति पक्षी को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 10,000 रूपए प्रति परिवार, 100 रूपए प्रति पक्षी किया गया है।
इसी प्रकार सामान्य क्षेत्र में मकान क्षति (पूर्ण) वर्तमान प्रावधान 95,100 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 1,20,000 रूपए, पहाड़ी क्षेत्र में मकान क्षति (पूर्ण) वर्तमान प्रावधान 1,01,900 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 1,30,000 रूपए, जनहानि पर वर्तमान प्रावधान 4,00,000 रूपए को नवीन प्रावधान में यथावत रखा गया है।
इसी प्रकार अंग हानि (40 से 60 प्रतिशत) पर वर्तमान प्रावधान 59,100 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 74,000 रूपए, अंग हानि (60 प्रतिशत से अधिक) पर 2,00,000 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 2,50,000 रूपए, नाव की पूर्ण क्षति पर वर्तमान प्रावधान 9600 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 15000 रूपए, मछुवारों के नाव की आंशिक क्षति पर 4100 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 6000 रूपए, पंजीकृत भूमिहीन श्रमिक की आजीविका क्षति पर नवीन प्रावधान आपदा की अवधि (30 दिन) तक 02 सदस्य को मनरेगा दर पर आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है।
सालों से ना हुए इस अति महत्वपूर्ण सुधार पर चिंता कर निर्णय लेने पर अंकित ने माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के साथ साथ पूरी कांग्रेस सरकार के प्रति साधुवाद दिया है ।

AnkitBhupesh
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