असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान को कहा ‘भीखमांगे’, IMF ऋण पर किया तंज

AIMIM प्रमुख ने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को निष्क्रिय करने की मांग की, ड्रोन हमलों को मानवता के लिए खतरा बताया

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान को “मानवता के लिए खतरा” करार देते हुए वैश्विक शक्तियों से उसके परमाणु हथियारों को निष्क्रिय करने की मांग की. ANI को दिए एक साक्षात्कार में ओवैसी ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से पाकिस्तान को मिले 1 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज पर तंज कसते हुए उसे “आधिकारिक भीखमांगे” कहा. यह बयान तब आया जब पाकिस्तान लगातार दूसरे दिन सीमा पार ड्रोन हमले और गोलबारी कर रहा था.

परमाणु हथियार और आतंकवाद पर चिंता

ओवैसी ने कहा, “ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के एक सैन्य क्षेत्र में छिपा हुआ पाया गया था. पश्चिमी देशों को यह समझना होगा कि पाकिस्तान एक असफल राष्ट्र है. अब समय आ गया है कि सभी प्रमुख देश एकजुट होकर यह सुनिश्चित करें कि पाकिस्तान के पास मौजूद परमाणु हथियार निष्क्रिय किए जाएं. ये हथियार पूरी मानवता के लिए खतरा हैं.”

अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन, जो 9/11 हमलों का मास्टरमाइंड था, 2011 में अमेरिकी मरीन्स द्वारा अब्बोटाबाद में एक सैन्य छावनी के पास मार गिराया गया था.

IMF ऋण को ‘आतंकवाद के लिए धन’ करार

ओवैसी ने IMF के 1 अरब डॉलर के ऋण को पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के लिए अप्रत्यक्ष सहायता करार दिया. उन्होंने कहा, “ये लोग आधिकारिक भीखमांगे हैं. IMF ने उन्हें 1 अरब डॉलर का ऋण दिया है, जो वास्तव में ‘इंटरनेशनल मिलिटेंट फंड’ है. अमेरिका, जर्मनी और जापान ने इसकी सहमति कैसे दी? यह पैसा न तो गरीबी उन्मूलन के लिए होगा, न ही पोलियो दर कम करने के लिए. इसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए होगा.”

पाकिस्तान के हमलों की निंदा

हैदराबाद सांसद ने पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा, “उन्होंने एक मस्जिद के इमाम को गोलीबारी में मार डाला, एक गुरुद्वारे को नुकसान पहुंचाया, घरों को क्षतिग्रस्त किया, लोग सड़कों पर घायल पड़े हैं. राजौरी में एक सिविल सेवक की हत्या की गई. वे ड्रोन भेजकर आम लोगों को मार रहे हैं और जम्मू में अस्पतालों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. यही पाकिस्तान का असली चेहरा है.”

शनिवार तड़के पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन बुनयान-अल-मरसूस’ शुरू किया, जिसमें जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के 26 स्थानों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया गया. सरकार के अनुसार, पाकिस्तान ने अस्पतालों और स्कूल परिसरों को भी निशाना बनाया. जवाब में, भारत ने रफीकी, मुरिद, चकलाला, रहीम यार खान, सुक्कुर और चुनियां में पाकिस्तान के छह सैन्य अड्डों को भारी नुकसान पहुंचाया. पासरूर में रडार स्थल और सियालकोट में एक विमानन अड्डे को भी निशाना बनाया गया.

‘पाकिस्तानी सेना झूठी’

ओवैसी ने पाकिस्तानी सेना द्वारा ऑपरेशन का नाम ‘बुनयान-अल-मरसूस’ रखने पर भी निशाना साधा, जो कुरान शरीफ की एक आयत से लिया गया है. उन्होंने कहा, “इस आयत में कहा गया है कि अगर आप अल्लाह से मोहब्बत करते हैं, तो एक मजबूत दीवार की तरह खड़े रहें. लेकिन पाकिस्तानी सेना और प्रतिष्ठान झूठे हैं. उसी आयत में पहले अल्लाह कहते हैं कि तुम ऐसी बातें क्यों कहते हो जो तुम करते नहीं. क्या वे 1971 के बांग्लादेश युद्ध में बंगाली मुसलमानों पर गोलीबारी करते समय दीवार की तरह खड़े रहना भूल गए थे?”

Comments (0)
Add Comment