भारत ने इनवार मिसाइलों की खरीद को दी मंजूरी; टी-90 टैंकों की मारक क्षमता में होगा बड़ा इजाफा

नई दिल्ली: भारत सरकार ने भारतीय सेना की बख्तरबंद युद्ध क्षमता को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. रक्षा मंत्रालय 500 इनवार एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों (एटीजीएम) की खरीद के लिए भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) के साथ ₹2,000 से ₹3,000 करोड़ के अनुबंध को अंतिम रूप दे रहा है. ये मिसाइलें टी-90 भीष्म टैंकों से दागी जाएंगी, जो भारतीय सेना के बख्तरबंद कोर का मुख्य आधार हैं.

इनवार मिसाइलें लेजर-गाइडेड तकनीक पर आधारित हैं, जो 5 किलोमीटर की रेंज के साथ सटीक हमले करने में सक्षम हैं. ये मिसाइलें टी-90 टैंकों की 125 मिमी तोप से दागी जाती हैं और इनमें टैंडम वॉरहेड होता है, जो विस्फोटक रिएक्टिव कवच से लैस दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों को नष्ट कर सकता है. रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “इनवार मिसाइलें टी-90 टैंकों की मारक शक्ति को बढ़ाएंगी और पश्चिमी व उत्तरी सीमाओं पर हमारी परिचालन तत्परता को मजबूत करेंगी.”

इस खरीद आदेश का मूल्य अभी वित्तीय जांच के दौर से गुजर रहा है. ₹2,000 करोड़ तक के सौदों को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंजूरी दे सकते हैं, जबकि ₹3,000 करोड़ के आसपास के सौदों के लिए वित्त मंत्री की मंजूरी और इससे अधिक के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की स्वीकृति आवश्यक होगी. यह खरीद ऑपरेशन सिंदूर के बाद की जा रही है, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में सटीक सैन्य कार्रवाई की थी. इस ऑपरेशन में स्वदेशी ड्रोन, वायु रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों का व्यापक उपयोग हुआ था.

यह अनुबंध न केवल सेना की ताकत बढ़ाएगा, बल्कि मेक इन इंडिया पहल के तहत स्वदेशी रक्षा विनिर्माण को भी प्रोत्साहन देगा. भारत डायनामिक्स लिमिटेड ने इन मिसाइलों के उत्पादन में अपनी विश्वसनीयता साबित की है और कंपनी की ₹3,110 करोड़ की ऑर्डर बुक इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाती है. इस खरीद से क्षेत्रीय खतरों के बीच भारत की सैन्य तैयारियों को और बल मिलेगा.

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