नई दिल्ली: आज 1 अप्रैल 2025 से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो रहा है और इसके साथ ही टैक्स, निवेश और बैंकिंग से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव प्रभावी हो गए हैं. हाल के महीनों में घोषित इन बदलावों का असर करदाताओं, निवेशकों और आम बैंक ग्राहकों पर पड़ेगा. आइए, इन नए नियमों को आसान भाषा में समझते हैं.
इनकम टैक्स में बढ़ी छूट की सीमा
नए वित्तीय वर्ष से अगर आपकी सालाना आय 12 लाख रुपये तक है, तो आपको इनकम टैक्स नहीं देना होगा. इसके अलावा, नौकरीपेशा लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 75,000 रुपये होगा, जिससे नई टैक्स व्यवस्था में 12.75 लाख रुपये तक की आय टैक्स-मुक्त हो जाएगी.
UPI खातों के लिए नया नियम
सुरक्षा बढ़ाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) उन UPI आईडी को निष्क्रिय कर देगा, जो लंबे समय से इस्तेमाल न हुए मोबाइल नंबरों से जुड़े हैं. अगर आपका UPI पुराने या निष्क्रिय नंबर से लिंक है, तो 1 अप्रैल से पहले इसे अपडेट कर लें.
शुरू होगी यूनिफाइड पेंशन स्कीम
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 1 अप्रैल से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लागू होगी. यह राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए एक विकल्प है. 25 साल या उससे अधिक सेवा वाले कर्मचारियों को पिछले 12 महीनों की औसत बेसिक सैलरी का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा.
पैन-आधार लिंकिंग और GST में बदलाव
अगर आपने 31 मार्च 2025 तक अपने पैन को आधार से लिंक नहीं किया, तो डिविडेंड इनकम नहीं मिलेगी, TDS बढ़ जाएगा और फॉर्म 26AS में क्रेडिट भी नहीं दिखेगा. वहीं, GST पोर्टल पर सुरक्षा के लिए मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) अनिवार्य होगा. साथ ही, अब 180 दिन से पुराने दस्तावेजों पर ई-वे बिल नहीं बन सकेगा.
बैंकों में मिनिमम बैलेंस के नियम सख्त
SBI, PNB और केनरा बैंक जैसे बड़े बैंक अपने मिनिमम बैलेंस नियमों में बदलाव कर रहे हैं. अगर आप खाते में जरूरी बैलेंस नहीं रखते, तो 1 अप्रैल से जुर्माना लग सकता है.
म्यूचुअल फंड और डीमैट के लिए KYC जरूरी
नए नियमों के तहत 1 अप्रैल से सभी म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों के लिए KYC अनिवार्य होगा. इसके साथ ही नॉमिनी डिटेल्स की दोबारा जांच भी की जाएगी.
प्रायोरिटी सेक्टर लोन में राहत
घर खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है. प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के तहत अब मेट्रो शहरों में 50 लाख, टियर-2 शहरों में 45 लाख और छोटे शहरों में 35 लाख रुपये तक का होम लोन मिल सकेगा.
चेक फ्रॉड रोकने के लिए नया सिस्टम
चेक से धोखाधड़ी रोकने के लिए बैंक पॉजिटिव पे सिस्टम लागू करेंगे. 50,000 रुपये या उससे अधिक के चेक जारी करने पर आपको बैंक को इलेक्ट्रॉनिक रूप से विवरण देना होगा, जिसके बाद ही चेक क्लियर होगा.
सीनियर सिटीजन के लिए TDS में छूट
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर TDS छूट की सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है. ये बदलाव वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने और आम लोगों के लिए सुविधा बढ़ाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं. अपने वित्तीय प्लान को इन नियमों के हिसाब से तैयार करें.