नई दिल्ली: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शुक्रवार सुबह तेज हवाओं, बिजली और भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया. इस प्रचंड तूफान और बारिश के कारण चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक उड़ानों में देरी और 40 से ज्यादा उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस असामान्य मौसम के लिए कई कारकों को जिम्मेदार ठहराया और दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया.
भारी बारिश के कारण
आईएमडी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में यह अप्रत्याशित मौसम अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आई नमी और हवा के संगम के कारण हुआ. निचले और मध्य वायुमंडलीय स्तरों में अनुकूल वातावरण ने इस मौसम प्रणाली को और मजबूत किया. दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उत्तर-पूर्व राजस्थान के साथ-साथ उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर दो ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके अलावा, दिल्ली के ऊपर निचले स्तर पर 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही दक्षिण-पूर्वी हवाओं ने इस मौसम को और तीव्र कर दिया.
इन परिस्थितियों के कारण गर्म और नम हवा तेजी से ऊपर उठी, जिससे वायुमंडल में अस्थिरता पैदा हुई. परिणामस्वरूप, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, तूफान, बिजली और तेज हवाएं देखी गईं. सैटेलाइट तस्वीरों में उत्तर भारत के ऊपर बादलों का जमावड़ा साफ दिखाई दिया.
दुखद हादसा: चार की मौत
दिल्ली के द्वारका के जाफरपुर कलां में खड़खड़ी नाहर गांव में तेज हवाओं के कारण एक नीम का पेड़ एक ट्यूबवेल कमरे पर गिर गया. इस हादसे में 26 वर्षीय ज्योति और उनके तीन बच्चों की मौत हो गई. पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने बचाव कार्य किया, लेकिन चारों को आरटीआर अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया. ज्योति के पति अजय को मामूली चोटें आईं.
उड़ानों और यातायात पर असर
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खराब मौसम के कारण उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुईं. फ्लाइटराडार के आंकड़ों के अनुसार, उड़ानों में औसतन 21 मिनट की देरी हुई, जबकि प्रस्थान में 61 मिनट की देरी दर्ज की गई. तीन उड़ानों को डायवर्ट किया गया, जिनमें एक अहमदाबाद और दो जयपुर भेजी गईं. इसके अलावा, 15 से 20 ट्रेनें भी प्रभावित हुईं, क्योंकि तेज हवाओं के कारण पेड़ तारों पर गिर गए.
दिल्ली और एनसीआर में जलभराव के कारण कई प्रमुख सड़कों पर यातायात ठप हो गया. द्वारका, खानपुर, साउथ एक्सटेंशन रिंग रोड, मिंटो रोड, लाजपत नगर और मोती बाग जैसे क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति देखी गई. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी.
मौसम का पूर्वानुमान
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तरी और पूर्वी भारत में बारिश और तूफान जारी रह सकता है. यह मौसम गर्मी की लहर से राहत देगा, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग ने मिशन मौसम के तहत रडार की संख्या 40 से बढ़ाकर 126 करने की योजना बनाई है, ताकि मौसम की सटीक जानकारी दी जा सके.
नुकसान और राहत कार्य
तेज हवाओं के कारण बिजली लाइनों और पेड़ों को नुकसान पहुंचा, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई. कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि और पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी भी देखी गई. दिल्ली नगर निगम और अन्य एजेंसियों को पेड़ गिरने की 20 से अधिक शिकायतें मिलीं. टीपीडीडीएल और बीएसईएस की टीमें बिजली बहाल करने में जुटी हैं.
यह मौसम मई के महीने में सामान्य है, जब तीव्र गर्मी और नमी के कारण तूफान और बारिश की घटनाएं बढ़ जाती हैं. हालांकि, इस बार की तीव्रता ने दिल्ली-एनसीआर में भारी तबाही मचाई.