लोकसभा चुनाव 2024: कांग्रेस का घोषणापत्र कितना प्रभावी?

कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपनी घोषणापत्र जारी कर दिया है. पार्टी ने इसे ’न्याय पत्र 2024’ का नाम दिया गया है. कांग्रेस ने न्याय पत्र को 10 विषयों में बांटा है. इसमें हिस्सेदारी न्याय, युवा, नारी, किसान, श्रमिक न्याय, संवैधानिक, आर्थिक, राज्य, रक्षा और पर्यावरण न्याय शामिल है.

कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपनी घोषणापत्र जारी कर दिया है. पार्टी ने इसे ’न्याय पत्र 2024’ का नाम दिया गया है. कांग्रेस ने न्याय पत्र को 10 विषयों में बांटा है. इसमें हिस्सेदारी न्याय, युवा, नारी, किसान, श्रमिक न्याय, संवैधानिक, आर्थिक, राज्य, रक्षा और पर्यावरण न्याय शामिल है. कांग्रेस इस घोषणापत्र को देश की जनता के लिए नई उम्मीद व नई गारंटी बता रही है. वहीं बीजेपी ने कांग्रेस की इस घोषणापत्र में उल्लेखित घोषणाओं को लेकर पार्टी की विश्वनीयता पर सवाल खड़ा कर रही है.

48 पन्ने के ’न्याय पत्र’ में तमाम वर्गों और क्षेत्रों के लिए न्याय के 10 स्तंभों जोर दिया गया है. पार्टी ने घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी बड़ी समस्या है और यह सरकार अमीरों के लिए है. दरअसल  कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए ने 48 पेज का जो घोषणापत्र जारी किया है, उसमें बहुत सारे मुद्दों को लेकर पार्टी के भीतर ही एकरूपता का अभाव दिखता है. मसलन जाति जनगणना को लेकर पार्टी के भीतर ही सवाल उठते रहे है. पुरानी पेंशन योजना यानि ओपीएस के बारे में घोषणापत्र में कोई बात नहीं है.

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जारी घोषणापत्र में कांग्रेस ने 10 न्याय और 25 गारंटी का ऐलान किया है. पार्टी के घोषणापत्र में मनरेगा के तहत मजदूरी 400 रुपए प्रतिदिन करने, गरीब परिवार की महिलाओं को सालाना एक लाख रुपए देने, सभी प्रमुख फसलों के लिए एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने और जाति जनगणना कराने का जिक्र है. कांग्रेस ने अपने न्याय संकल्प में युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और किसानों पर फोकस किया है. इन सभी वर्गों के लिए अलग-अलग तरह की योजनाओं के द्वारा सशक्तिकरण एवं संवृद्धि का वादा किया गया है. पार्टी ने कहा है कि यह घोषणापत्र ’वर्क, वेल्थ और वेलफेयर’ पर आधारित है. वर्क के मायने रोजगार, वेल्थ के मायने आमदनी और वेलफेयर के मायने सरकारी योजनाओं के फायदे दिलाना है.

पार्टी ने हिस्सेदारी न्याय के तहत जाति जनगणना कराने की गारंटी दी है. कांग्रेस की प्रमुख घोषणाओं में जाति आधारित जनगणना प्रमुख है, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रव्यापी आर्थिक-सामाजिक जातिगत जनगणना के माध्यम से आरक्षण की अधिकतम सीमा को बढ़ा कर 50 प्रतिशत से ज्यादा किया जाएगा. इसमें अनारक्षित वर्ग के पिछड़ों के लिए भी प्रावधान होंगे. यानि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलने वाले 10 प्रतिशत आरक्षण को वह सभी वर्गों के गरीबों के लिए बिना भेदभाव के लागू करेगी. नई शिक्षा नीति को लेकर राज्य सरकारों के साथ परामर्श करेगी और इसमें संशोधन करें करेगी। पिछले 10 वर्षों में हुए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कराई जाएगी.

सांकेतिक तस्वीर

युवा न्याय के तहत जिन पांच गारंटी की बात की है, उनमें 30 लाख सरकारी नौकरियां देने और युवाओं को एक साल के लिए प्रशिक्षुता कार्यक्रम के तहत एक लाख रुपए देने का वादा शामिल है. किसान न्याय के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा, कर्ज माफी आयोग के गठन तथा जीएसटी मुक्त खेती का वादा किया है. श्रमिक न्याय के तहत मजदूरों को स्वास्थ्य का अधिकार देने, न्यूनतम मजूदरी 400 रुपये प्रतिदिन सुनिश्चित करने और शहरी रोजगार गारंटी का वादा किया गया है. कांग्रेस ने नारी न्याय के अंतर्गत महालक्ष्मी गारंटी के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को एक-एक लाख रुपए प्रति वर्ष देने के वादे किए हैं.

कांग्रेस मीडिया की पूर्ण स्वतंत्रता सहित भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बहाल करने का वादा करती है. जहां कांग्रेस का यह घोषणापत्र देश की जनता के लिए नई उम्मीद है, नई गारंटी है, वहीं कांग्रेस की घोषणापत्र को लेकर भाजपा तंज कसती दिख रही है. विधानसभा चुनाव के परिणामों से उत्साहित भाजपा का कहना है कि ’न नौमन तेल होगा ना राधा नाचेगी’ यानि कांग्रेस का चुनावी घोषणापत्र महज ख्याली पुलाव है. भाजपा कह रही है कि कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता पार्टी छोड़कर लगातार भाग रहे हैं, हमें प्रवेश कराने में दिक्कत हो रही हैं. ऐसे में यह घोषणापत्र कोई असर नहीं डाल सकता है.

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बहरहाल, इस घोषणा पत्र को ’न्याय पत्र’ नाम दिया गया है. इसमें तमाम वर्गों के लिए न्याय पर जोर दिया गया है जिसमें महिला, युवा, किसान, गरीब आदि शामिल हैं. कांग्रेस ने अपने न्याय संकल्प 2024 में विभिन्न गारंटियों के माध्यम से देश के हर वर्ग को साधने का प्रयास किया है. हालांकि भाजपा कांग्रेस की सरकार बनने को लेकर ही सवाल खड़े कर रही है, जो कि असंभव नहीं तो कम से कम बेहद कठिन एवं चुनौतीभरा तो लगता ही है. अब देखना होगा कांग्रेस की न्याय एवं गारंटियों पर जनता कितना एतबार करती है, और 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं.

किस वर्ग के लिए क्या ?
1. राष्ट्रव्यापी आर्थिक-सामाजिक जाति जनगणना.
2. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं गरीब सामान्य वर्ग को मिलने वाले आरक्षण पर 50 फीसदी का कैप हटाया जाएगा.
3. शिक्षा एवं नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलने वाले 10 फीसदी आरक्षण को बिना किसी भेदभाव के सभी जाति और समुदाय के लोगों के लिए लागू किया जाएगा.
4. अनुसुचित जाति, अनुसुचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सभी रिक्त पदों को एक साल के भीतर भरा जाएगा.
5. सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में संविदा भर्तियों की जगह नियमित भर्तियां और अभी जो संविदा कर्मी हैं उनका नियमतीकरण किया जाएगा.
6. भूमिहीनों को जमीन दी जाएगी.
7. व्यापक परामर्श के बाद पार्टी LGBTQIA+ समुदाय से संबंधित जोड़ों के बीच सिविल यूनियनों को मान्यता देने के लिए एक कानून लाया जाएगा.

-डॉ. लखन चौधरी

(लेखक; प्राध्यापक, अर्थशास्त्री, मीडिया पेनलिस्ट, सामाजिक-आर्थिक विश्लेषक एवं विमर्शकार हैं)

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