कोबरा बटालियन कमांडर की गोली मार खुदकुशी 

नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात जवानों की ख़ुदकुशी का सिलसिला थम नहीं रहा

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जगदलपुर| कोबरा बटालियन कैम्प में 19 वीं बटालियन  करणपुर के कंपनी कमांडर कुबेर सिंह ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली है| आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है

बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात जवानों की ख़ुदकुशी का सिलसिला थम नहीं रहा है|  आज फिर करणपुर स्थित  कोबरा बटालियन कैम्प में 19 वीं बटालियन कमांडर कुबेर सिंह ने गोली मार खुदकुशी कर ली |

पुलिस अधीक्षक दीपक झा ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना  देर शाम की   है| कोबरा बटालियन कमांडर कुबेर सिंह ने अपने बैरक में अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली है| उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई|

कोबरा बटालियन कमांडर कुबेर सिंह

घटना की सूचना के बाद नगरनार पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की तफ्तीश में जुट गई है| फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है| मृतक के संबंध में विस्तृत ब्यौरा नहीं मिल सका है|

बता दें कि करीब माह भर पहले 19 मार्च को नारायणपुर जिला मुख्यालयस से 54 ये किमी दूर आमदई खदान की सुरक्षा पर तैनात सीएफ 9वीं एनबी कंपनी के जवान धर्मेंद्र गबेल ने अपनी सर्विस रायफल से सिर पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी|

धर्मेंद्र गबेल बालधरोद जिला जांजगीर का निवासी था|  जानकारी के अनुसार जवान धर्मेंद्र गबेल ने सुबह अपने दो साथियों के साथ नास्ता करने के बाद एकांत में जाकर खुद को खुदकुशी कर ली। सिर पर गोली लगते ही परखचे उड़ गए, जिससे जवान की मौके पर ही मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक विभागीय जांच से परेशान होकर जवान ने खुद को गोली मारी है|  हालाकि  इसकी पुष्टि नहीं की गई है|

अवसाद , मानसिक दबाव, ख़ुदकुशी के प्रमुख कारण के रूप में सामने आये हैं|   नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों को ज्यादा मानसिक तनाव में देखा जा रहा है|

पुलिस विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, साल 2007 से साल 2019 तक की स्थिति के मुताबिक सुरक्षा बल के 201 जवानों ने आत्महत्या की है. इसमें राज्य पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान भी शामिल हैं| जवानों की आत्महत्या का आंकड़ा साल दर साल बढ़ता ही जा रहा है|

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