माओवादियों के 4 साथी मारे गये, हथियार की तस्वीर भी जारी की

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जगदलपुर| बीजापुर मुठभेड़ के तीसरे दिन मंगलवार को माओवादियों ने फिर एक प्रेस नोट जारी किया है।

माओवादियों के दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी  (DKSZC) के प्रवक्ता विकल्प ने प्रेस नोट जारी कर मुठभेड़ में 4 साथी माओवादियों के मारा जाना स्वीकार किया है| माओवादी नेता ने मारे गए चारों साथी माओवादियों का नाम, फ़ोटो और लूटे गए हथियारों की तस्वीर जारी की है| साथ ही हमले में 24 जवानों को मारने का दावा किया है|

माओवादियों के नेता ने कहा है, सरकार बातचीत के लिए मध्यस्थों के नाम की घोषणा करे, इसके बाद वे बंदी कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मनहार को सौंप देंगे।

पुलिस पर 2020 से अब तक 150 ग्रामीणों की हत्या का आरोप लगाते मुठभेड़ से पहले जीरा गांव में ग्रामीण माड़वी सुखलाल की हत्या का भी आरोप लगाया है|

वहीँ  नक्सलियों ने कहा है कि बंदी कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मनहार उनके पास हैं और सुरक्षित हैं। नक्सलियों ने कहा है कि सरकार बातचीत के लिए मध्यस्थों के नाम की घोषणा करे, इसके बाद वे जवान को सौंप देंगे।

बीजापुर मुठभेड़ के तीसरे दिन मंगलवार को नक्सलियों ने फिर एक प्रेस नोट जारी किया है। इसमें नक्सलियों ने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति खेद जताया है। जवान राकेश्वर सिंह मुठभेड़ के बाद से लापता हैं।

 

मुठभेड़ में ओड़ी सन्नी, कोवासी बदरू, पदाम लखमा, माड़वी सुक्खा व नूपा सुरेश मारे गए हैं। इनमें से नक्सली सन्नी का शव नहीं ले जा सके।

 दिल्ली में बनी थी इस मुठभेड़ की रणनीति
दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता ने जारी   प्रेस नोट में कहा गया है कि अगस्त 2020 में गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में दिल्ली में हुई बैठक में ही इस हमले की रणनीति बना ली थी। रायपुर को इसका केंद्र बनाया गया और विजय कुमार ने अक्टूबर में 5 राज्यों के अफसरों के साथ बैठक की। इस अभियान के लिए बस्तर IG सुंदरराज पी. को प्रभारी बनाया और DG अशोक जुनेजा को विशेष अधिकारी नियुक्त किया।

हम वार्ता को तैयार, पर सरकार ईमानदार नहीं
नक्सलियों ने फिर वार्ता की बात कही है। कहा कि हम कभी भी वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार ईमानदार नहीं है। अनुकूल माहौल बनाने की जिम्मेदारी सरकार की है। पुलिस बल को एकत्र करने, कैंप बंद करने, हमला रोकने से ही वार्ता हो सकती है। कोंडागांव, बीजापुर, नारायणपुर में सैनिक अभियान चलाने से वार्ता नहीं होगी।

 

आईजी कार्यालय से जारी जानकारी

दिनाँक 03 अप्रैल, 2021 की जिला सुकमा एवं बीजापुर के सीमावर्ती थाना तर्रेम अंतर्गत जोनागुड़ा, टेकलगुड़ियम के जंगल में हुई मुठभेड़ पश्चात अब तक 210वीं वाहिनी CoBRA के आरक्षक राकेश्वर सिंह मनहास का लोकेशन नही मिल पा रही है।

आरक्षक राकेश्वर सिंह मनहास की पतासाजी हेतु लगातार सर्चिंग अभियान के साथ-साथ क्षेत्र के ग्रामीण/सामाजिक संगठन/स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं पत्रकार साथियों के माध्यम से भी आरक्षक राकेश्वर सिंह मनहास के संबंध में पतासाजी की जा रही है।

इस दौरान सीपीआई माओवादी के दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता की दिनाँक 06 अप्रैल, 2021 को जारी एक प्रेस नोट में लापता एक जवान को बंदी बनाकर रखा जाना लेख की गई है। पुलिस द्वारा उक्त प्रेस नोट के संबंध में  इसकी वास्तविकता  की तस्दीक की जाकर उचित निर्णय ली जावेगी।

 

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