कोरोना से लड़ने साल भर का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में देने वाले सिपाही की संधिग्ध मौत

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2019 में पुलिस आंदोलन को हवा देने के आरोपी और फिर कोरोना से लड़ने साल भर का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में दान कर चर्चा में आये सक्ती थाना में पदस्थ सिपाही पुष्पराज सिंह की  मौत को लेकर सोशल मीडिया में चर्चा शुरू हो गई है| पुलिस जहाँ इसे हादसे से मौत बता रही है वहीँ परिजन हत्या बता रहे हैं| हालाकि इस संधिग्ध मौत पर पुलिस जाँच जारी है|

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जांजगीर| छत्तीसगढ़ में वर्ष 2019 में पुलिस आंदोलन को हवा देने के आरोपी और फिर कोरोना से लड़ने साल भर का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में दान कर चर्चा में आये सक्ती थाना में पदस्थ सिपाही पुष्पराज सिंह की  मौत को लेकर सोशल मीडिया में चर्चा शुरू हो गई है| पुलिस जहाँ इसे हादसे से मौत बता रही है वहीँ परिजन हत्या बता रहे हैं| हालाकि इस संधिग्ध मौत पर पुलिस जाँच जारी है|

इधर प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने भी मामले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है |

बात दें गुरुवार की रात छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के सक्ती थाना में पदस्थ सिपाही की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क में मिली| लाश के पास स्कूटी गिरी मिली| शरीर पर बिजली के तार लिपटे मिले, गले में भी तार भी उलझा हुआ था।

आज सुबह जिला अस्पताल पहुंचे मृत सिपाही के भाई जगदीप ठाकुर ने मिडिया के सामने इसे हाई प्रोफाईल मर्डर करार दिया| जिसमें विभाग के बड़े अफसर भी शामिल हैं|

जगदीप के मुताबिक उसका भाई आज सक्ती थाना प्रभारी रविन्द्र अनंत के किसी बड़े मामले का खुलासा करने वाला था| जगदीप ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है|

इधर इस मामले की जाँच एसडीओपी संदीप मित्तल कर रहे हैं| पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद  मौत की परिस्थितियों और आरोपों पर जांच और कार्रवाई करने की बात कही|

बता दें कि सिपाही पुष्पराज सिंह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहता था|

अभी साल भर पहले अपने साल भर का वेतन कोरोना से लड़ने मुख्यमंत्री सहायता कोष मे दान कर दिया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने इनकी सराहना भी की थी| सोशल मीडिया पर भी उसकी काफी तरीफ हुई थी|

वर्ष 2019 में पुष्पराज पर पुलिस आन्दोलन को हवा देने का आरोप लगा था| वह  वह सोशल मीडिया पर लगातार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ पोस्ट करता रहता था|

कर्मचारियों के शोषण के खिलाफ भी आवाज उठाने के अपने रवैये से ही वे 6 बार निलंबित हो चुका था| सक्ती थाना प्रभारी पर मोटी रकम लेकर क्षेत्र में जुआ खिलवाने का आरोप लगा चुका था|

प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने भी मामले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है| सोशल मीडिया पर हत्या की आशंका जताई जा रही है|

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