बैगा आदिवासियों के नलकूप खनन में गड़बड़ी, 4 कृषि अधिकारी निलंबित

बैगा आदिवासियों के नलकूप खनन में कृषि विभाग द्वारा गड़बड़ी किये जाने का मामला सामने आने के बाद   4 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (आरएईओ) को निलंबित कर दिया गया है।

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कवर्धा| बैगा आदिवासियों के नलकूप खनन में कृषि विभाग द्वारा गड़बड़ी किये जाने का मामला सामने आने के बाद   4 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (आरएईओ) को निलंबित कर दिया गया है। वहीं  एसडीओ और  एडीओ को भी नोटिस दिया गया है।

केंद्रीय विशेष पिछड़ी जनजाति योजना के तहत कृषि विभाग  द्वारा  बोड़ला और पंडरिया ब्लॉक के 101 बैगा हितग्राहियों के खेत में नलकूप  खनन किया जाना था। इसके लिए वर्ष 2019-20 में 87.42 लाख रुपए मंजूर हुआ था। प्रति नलकूप खनन में औसतन 94 हजार रुपए लागत आंकी गई। कृषि विभाग के नुमाइंदों ने नलकूप तो खोद दिए, लेकिन उसमें जो केसिंग पाइप लगाई गई वह लोहे की न होकर प्लास्टिक की थी। जबकि पैसा लोहे के केसिंग पाइप के निकाले गए थे। इस तरह अंचल के बैगाओं के साथ धोखाधड़ी की गई।

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गड़बड़ी की शिकायत पर कलेक्टर  ने कृषि उपसंचालक एमडी डड़सेना को जांच के निर्देश दिए थे । जांच टीम ने जांच में पाया कि खोदे गए नलकूप में लोहे की जगह प्लास्टिक की केसिंग पाइप लगाई गई है। खास बात यह है कि नलकूप खनन करने वाली गोयल एजेंसी विश्रामपुर जिला सूरजपुर (छग) से मिलीभगत करते हुए फर्जी बिल लगाकर भ्रष्टाचार किया  गया ।

इस मामले में  बोड़ला ब्लॉक के ग्राम लरबक्की में पदस्थ परमेश्वर सिंह ध्रुव, बोरिया क्षेत्र में पदस्थ मानसिंह मरकाम और पंडरिया ब्लाॅक के नेऊर क्षेत्र में पदस्थ मोहन यादव व कुकदूर क्षेत्र में पदस्थ महेन्द्र भास्कर को निलंबित किया गया है। वहीं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच जारी  है।

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