पतंग का माझा बना जानलेवा, 1 की मौत ,1 जख्मी

ओडिशा के कटक में पतंग के माझा  (धागा ) में एक दुपहिया सवार की गला कटने से मौत के बाद अब पुरी में एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी हो गया | जिसका जिला अस्पताल में इलाज जारी है |

भुवनेश्वर| ओडिशा के कटक में पतंग के माझा  (धागा ) में एक दुपहिया सवार की गला कटने से मौत के बाद अब पुरी में एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी हो गया | जिसका जिला अस्पताल में इलाज जारी है |

पुलिस के मुताबिक पुरी निवासी भांजबिहारी पात्रा नामक व्यक्ति अपनी बाइक से बीमार बेटे के लिए दवाई खरीदने जा रहा था |

मेडिकल स्क्वायर के पास मालिजागा मलिजागा से गुजरते एक तार पर टंगे  पतंग का माझा उसके गले में फंस गया, जिससे गंभीर चोटें आईं।

उसके पीछे चल रहे एक दुपहिया सवार ने पुलिस को बुलाया और उसे अस्पताल पहुँचाया गया | जिला अस्पताल में उसका आपरेशन किया गया जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई गई है |

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसके एक दिन पहले कटक के पीर बाजार इलाके में मांझे  के गले में फंसने  से एक बाइक सवार की मौत हो चुकी है |

उधर पुलिस ने सोमवार को कटक  में छापेमारी की और एक व्यापारी को हिरासत में लिया जो कथित तौर पर  प्रतिबंधित मांझे की बिक्री कर रहा था|

ओडिशा  उच्च न्यायालय ने वर्ष  2016  में एक मामले में कटक-भुवनेश्वर पुलिस को पतंगों में चीनी मांझे की बिक्री को रोकने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया था।

मांझे में उलझने से कई पशु पक्षी भी जान गंवाते हैं | देश के कई इलाकों से इस तरह की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं |

चीनी मांझा बहुत ज्यादा खतरनाक है| यह मांझा नायलॉन से बनता है और इसमें कांच और लौह कण लगाए जाते हैं | इस वजह से यह आसानी से नहीं टूटता है |यह परिंदों  के लिए जानलेवा है| देसी मांझा सूत से बनता है और  वह टूट जाता है|

मांझे में लौह कण लगे होने की वजह से बिजली के तारों से टकराने पर यह शार्ट कर सकता है और पतंग उड़ने  वाले को करंट लग सकता है |

बता दें हर साल जनवरी में मकर संक्रांति पर देश के कई हिस्सों में  पतंग उडाये जाते हैं |

KiteMAJHAपतंगमाझा
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