छत्तीसगढ़: चावल निर्यातकों को मंडी शुल्क में छूट एक साल बढ़ाई गई

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने चावल निर्यातकों को मंडी शुल्क में छूट एक साल बढ़ा दी है. चावल निर्यातक लंबे समय से मंडी शुल्क में छूट की मांग कर रहे थे. पिछले साल भी सरकार ने दी थी, छूट दिसंबर 2025 में मंडी शुल्क में छूट की अवधि खत्म हो रही थी.

 

रायपुर|  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने चावल निर्यातकों को मंडी शुल्क में छूट एक साल बढ़ा दी है. चावल निर्यातक लंबे समय से मंडी शुल्क में छूट की मांग कर रहे थे. पिछले साल भी सरकार ने दी थी, छूट दिसंबर 2025 में मंडी शुल्क में छूट की अवधि खत्म हो रही थी.

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के नीजि रिसॉर्ट में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में यह घोषणा की  साथ ही कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का भी शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और दंतेवाड़ा में ऑर्गेनिक चावल की खेती हो रही है, जिसे और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का यह दूसरा संस्करण अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस आयोजन में 12 देशों के बायर्स तथा 6 देशों के एम्बेसी प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति से छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने में मदद मिलेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने छत्तीसगढ़ को सोच-समझकर “धान का कटोरा” कहा था और आज प्रदेश इस नाम की सार्थकता सिद्ध कर रहा है. छतीसगढ़ से चावल के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा.मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ से वर्तमान में लगभग 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है. सरकार निर्यातकों के सहयोग के लिए सदैव तत्पर है.

इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया. उन्होंने विभिन्न किस्मों के चावल, क्षेत्र विशेष में उत्पादित प्रजातियों, चावल उत्पादन में हो रहे नवाचारों तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी ली.

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, एपिडा के चेयरमेन श्री अभिषेक देव, छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कांति लाल, श्री राम गर्ग, देश भर से आये मिलर्स, चावल व्यवसायी एवं स्टेक होल्डर्स उपस्थित रहे.

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