पिथौरा| बस हमारी इसलिए किराया भी हमारा, किराया सरकार नहीं हम तय करते हैं, सरकार हमारा घाटा पूरा थोड़ी करेगी। जाना – न जाना आपकी मर्जी | सराईपाली रायपुर मार्ग में चलने वाली निजी सवारी बसों के कंडक्टरों को फ़िल्मी स्टाइल में यात्रियों से इस तरह कहते दुर्व्यवहार आम है |
सराईपाली रायपुर मार्ग में चलने वाली निजी सवारी बसों में मनमाना किराया वसूली और यात्रियों से दुर्व्यवहार लगातार जारी है। इसके सबसे अधिक शिकार भोले भाले ग्रामीण ही हो रहे हैं। कंडक्टर यह भी कहने लगे हैं कि डीजल का भाव बढ़ेगा तो किराया भी बढ़ाया जाएगा। हमको घाटा होगा तो सरकार हमारा घाटा पूरा थोड़ी करेगी।
क्षेत्र में निजी बसों द्वारा यात्रियों से वसूले जा रहे मनमाना किराया की शिकायत अब मुख्यमंत्री के क्षेत्र में होने वाले दौरे एवम जन चौपाल में ग्रामीण करेंगे। ग्रामीणों के अनुसार पिथौरा से रायपुर का सरकार द्वारा निर्धारित किराया 125 रुपये है परन्तु बसों में 150 से 250 रुपये तक किराया वसूला जा रहा है।
इसी तरह पिथौरा से सराईपाली 65 के स्थान पर 80 से 100 रुपये , महासमुन्द का किराया 60 के स्थान पर 80 से 100 रुपये तक वसूल किया जा रहा है। वह भी बकायदा टिकिट काट कर दी जाती है। टिकिट में किसी ट्रेवल या कंपनी का नाम नहीं होता।
ग्रामीणों के अनुसार यदि बस कंडक्टर को नियमानुसार निर्धारित किराया लेने की बात कही जाए तो कंडक्टर का स्पस्ट कहना रहता है कि किराया हमारे अनुसार लगेगा नहीं जाना है तो उतर जाओ।
किराया सरकार नहीं हम तय करते हैं
इधर सराईपाली मार्ग पर चलने वाली एक शिकायत पर इस प्रतिनिधि ने एक बस के कंडक्टर से अधिक किराया लेने की बात पूछी। जिस पर उक्त कंडक्टर ने पहले तो किराया सूची देखने की बात की । एक कपड़े से ढकी किराया सूची में रायपुर से पिथौरा का किराया 125 दर्ज था परन्तु उसके द्वारा यात्रियों से 150 वसूला गया था। इस वसूली पर उसने साफ कहा कि सरकार की नहीं चलती हम लोग खुद ही किराया बढ़ा लेते हैं ।
एक अन्य एसी रफ्तार एवम रॉयल बस के कंडक्टर ने तो राष्ट्रीय राज मार्ग पर बस में सवार होने वाले यात्रियों से रायपुर के 200 रुपये किराया वसूल रहे है। इन बस कंडक्टरों से बात करने पर पता चला कि ये सरकारी किराया नहीं मानते। बस इनकी है इसलिए किराया भी इनके अनुसार ही लगेगा।
जांच कर कार्यवाही की जाएगी- जिला परिवहन अधिकारी
इस सम्बन्ध में जिला परिवहन अधिकारी रामकुमार ध्रुव ने मोबाइल से हुई चर्चा में शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए कहा कि अभी तत्काल शासन द्वारा बसों का किराया नहीं बढ़ाया गया है। शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही बसों में किराया लिया जाना चाहिए। बस ऑपरेटरअपनी मर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकते। अब शिकायत मिली है तो वे इसकी जांच कर कार्यवाही करेंगे।
बहरहाल जिले की लचर परिवहन व्यवस्था एवम मात्र ओवर लोड एवम ट्रक माल परिवहन वाहनों के लिए आरटीओ एवम पुलिस पर्याप्त समय देती है परन्तु बस में अत्यधिक किराया वसूली की शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं करना अनेक संदेह को जन्म दे रहा है।
deshdigital के लिए रजिंदर खनूजा की रिपोर्ट