गुरुवार सुबह हैदराबाद के निकट रंगारेड्डी जिले में एक युवती ने रेलवे ट्रैक पर कार चलाकर ट्रेन संचालन में बड़ा व्यवधान पैदा किया, जिससे रेल कर्मियों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई.
युवती ने करीब सात किलोमीटर तक रेलवे ट्रैक पर कार दौड़ाई, जिसके कारण हैदराबाद-बेंगलुरु मार्ग पर सुबह करीब दो घंटे तक रेल यातायात ठप रहा. कोन्डाकल के एक लेवल क्रॉसिंग पर उसने कार को सड़क से हटाकर ट्रैक पर चढ़ा दिया, जिससे आसपास के लोग स्तब्ध रह गए. नागुलापल्ली में स्थानीय लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने कथित तौर पर धमकी दी और तेजी से कार भगा ले गई.
नागुलापल्ली और शंकरपल्ली के बीच सात किलोमीटर तक कार चलाने के बाद, एक ट्रेन के लोको पायलट ने समय रहते ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया. युवती की इस हरकत ने रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया. बाद में, रेलवे कर्मियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर कार को रोका.
स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर युवती को हिरासत में लिया. उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के लखनऊ की रहने वाली रविका सोनी के रूप में हुई. रविका हैदराबाद में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम कर रही थी, लेकिन हाल ही में उसकी नौकरी छूट गई थी और वह कथित तौर पर अवसाद से जूझ रही थी.
पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या उसने सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने के इरादे से ट्रैक पर कार चलाई. उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है. पुलिस ने उसके परिवार वालों को घटना की जानकारी दे दी है.
इस घटना से हैदराबाद-बेंगलुरु रेल मार्ग पर कई ट्रेनें प्रभावित हुईं, और कुछ को आसपास के स्टेशनों पर रोका गया. रेलवे पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. रेलवे अधिकारियों ने इस सुरक्षा उल्लंघन को गंभीरता से लिया है, क्योंकि इससे बड़ा हादसा हो सकता था.
प्रारंभिक जांच में पता चला कि रविका नरसिंगी से कोन्डाकल पहुंची थी और रेलवे गेट पार करने के बजाय उसने कार को ट्रैक पर मोड़ दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई. यह घटना रेलवे सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर सवाल उठाती है, जिसके लिए प्रशासन त्वरित कार्रवाई करने की योजना बना रहा है.
