“फ्लाइट में कभी नहीं बैठूंगा”: अहमदाबाद विमान हादसे का वीडियो रिकॉर्ड करने वाला किशोर सदमे में, बयां किया भयानक अनुभव
अहमदाबाद: अहमदाबाद में गुरुवार को एयर इंडिया के विमान हादसे का वीडियो रिकॉर्ड करने वाला 17 वर्षीय आर्यन असारी गहरे सदमे में है. उसने अनजाने में उस खौफनाक पल को अपने फोन में कैद कर लिया, जब लंदन जाने वाली उड़ान AI171, एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर, उड़ान भरने के चंद सेकंड बाद मेघानी नगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराकर आग के गोले में तब्दील हो गई. इस त्रासदी में 241 यात्रियों और चालक दल सहित 270 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. आर्यन ने कहा, “मैं इतना डर गया कि अब जिंदगी में फ्लाइट में नहीं बैठ पाऊंगा.”
12वीं कक्षा का छात्र आर्यन, जो दो दिन पहले अरावली जिले के अपने गांव से अहमदाबाद में अपने पिता के पास लक्ष्मीनगर आया था, उस दिन अपनी छत पर खड़ा था. उसे विमान देखना और उनके वीडियो बनाना पसंद था, ताकि वह दोस्तों को दिखा सके. उसने बताया, “मैंने प्लेन की गड़गड़ाहट सुनी और तुरंत वीडियो शुरू कर दिया. वह मेरे ऊपर से गुजरा, थोड़ा अस्थिर लग रहा था. मुझे नहीं पता था कि यह गिर जाएगा.” 24 सेकंड बाद, विमान जमीन पर क्रैश हो गया और विस्फोट के साथ आग की लपटों में घिर गया.
हादसे के बाद आर्यन पूरी रात सो नहीं सका. उसकी बहन ने बताया, “वह डर से कांप रहा था. कह रहा था कि वह इस जगह को छोड़कर जाना चाहता है.” उनकी मकान मालकिन ने कहा, “जब मैं घर आई, आर्यन चुप था. वह कुछ खा नहीं रहा और रात भर जागता रहा.” आर्यन ने अपने डर को बयां करते हुए कहा, “मैंने पहली बार इतने करीब से विमान देखा, लेकिन यह अनुभव डरावना था.” उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, और अब जांच एजेंसियां इसे हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए सबूत के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं.
शनिवार को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने आर्यन से पूछताछ की. कुछ अफवाहें थीं कि उसे हिरासत में लिया गया, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया, “आर्यन को न हिरासत में लिया गया, न गिरफ्तार किया गया. वह अपने पिता के साथ बयान देने आया और घर लौट गया.” पुलिस ने बताया कि उसका वीडियो हादसे के अंतिम क्षणों को समझने में अहम है. आर्यन ने कहा कि उसने वीडियो अपनी बहन को दिखाया, जिसने बाद में उनके पिता को बताया.
उड़ान AI171, जिसमें 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य थे, 12 जून को दोपहर 1:38 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हुई. विमान केवल 625 फीट ऊपर उठा था कि वह अचानक नीचे गिरा और मेघानी नगर में क्रैश हो गया. पायलट ने “मेडे” कॉल की, लेकिन कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया. हादसे में केवल एक यात्री, 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक विशवास कुमार रमेश, जो आपातकालीन निकास के पास बैठे थे, जीवित बचे.
शुक्रवार को ब्लैक बॉक्स का एक हिस्सा, फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, मलबे से बरामद हुआ. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, “यह जांच में महत्वपूर्ण कदम है. तीन महीने में विस्तृत रिपोर्ट आएगी.” संभावित कारणों में इंजन खराबी या बर्ड स्ट्राइक शामिल हो सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे के स्थल का दौरा किया और एकमात्र जीवित बचे रमेश से मुलाकात की, इसे “हृदयविदारक” बताया.
आर्यन के वीडियो के वायरल होने से लक्ष्मीनगर में लोगों, मीडिया और पुलिस की भीड़ जमा हो गई. स्थानीय निवासी रमेश परमार ने कहा, “विमानों की आवाज हमारे लिए आम थी, लेकिन अब हर उड़ान डराती है.” आर्यन का परिवार चिंतित है कि वीडियो और जांच का दबाव उसे और परेशान कर रहा है.
आर्यन को मानसिक सदमे से उबरने के लिए काउंसलिंग की जरूरत है. उसका परिवार और मकान मालकिन उसका हौसला बढ़ा रहे हैं. अहमदाबाद सिविल अस्पताल में डीएनए जांच से अब तक 31 शवों की पहचान हुई है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी शामिल हैं. एयर इंडिया ने पीड़ित परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की है.
आर्यन की कहानी एक किशोर के उस अनजाने पल को दर्शाती है, जिसने उसकी जिंदगी बदल दी. उसका वीडियो और डर इस त्रासदी की गहराई को उजागर करते हैं. जांच के नतीजे हादसे के कारणों को स्पष्ट करेंगे, लेकिन आर्यन का अनुभव हमेशा याद रहेगा.
