नई दिल्ली: भारतीय मूल की सिंगापुरी नागरिक वैशाली भट्ट ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले से बाल-बाल बचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक दिल को छू लेने वाला संदेश भेजा है. इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय गाइड शामिल थे. वैशाली और उनके पति बैसारन घाटी, जिसे ‘मिनी-स्विट्जरलैंड’ के नाम से जाना जाता है, से मात्र डेढ़ घंटे पहले निकल गए थे, जब आतंकियों ने वहां हमला किया.
शुरुआत में सरकार की ओर से त्वरित कार्रवाई न होने से निराश वैशाली ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर की खबर सुनकर राहत और भावुकता महसूस की. इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचों पर सटीक हमले किए. सिंगापुर में भारत के आतंकवाद विरोधी रुख को बढ़ावा देने वाली एक प्रतिनिधिमंडल के साथ आए बीजेपी सांसद हेमंग जोशी से बातचीत में वैशाली ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने विशेष रूप से ऑपरेशन का नाम “सिंदूर” रखने के लिए उनकी सराहना की, जो हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाली विधवाओं के दर्द को दर्शाता है.
वैशाली ने कहा, “मैं भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ इतना मजबूत कदम उठाया. ऑपरेशन सिंदूर ने हमें न्याय का भरोसा दिलाया.” उनकी यह प्रतिक्रिया देश में आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और कठोर कार्रवाई की मांग को रेखांकित करती है. यह संदेश न केवल एक व्यक्तिगत अनुभव को दर्शाता है, बल्कि भारत के आतंकवाद विरोधी संकल्प को वैश्विक मंच पर भी उजागर करता है.
