टूटे नहर से पानी लेने किसानों का बेहतरीन देशी जुगाड़

खेतों में पानी की दिक्कत से जूझ रहे किसानों ने अपनी तरकीब निकाल ली.सलबा बांध के टूटे हुए नहर से पानी लेने अपना जुगाड़ लगाया. और खेतों तक पानी पहुंचा दिया.     

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उदयपुर| खेतों में पानी की दिक्कत से जूझ रहे किसानों ने अपनी तरकीब निकाल ली.सलबा बांध के टूटे हुए नहर से पानी लेने अपना जुगाड़ लगाया. और खेतों तक पानी पहुंचा दिया.

सरगुजा के विकासखंड उदयपुर अंतर्गत आने वाले सलबा बांध का नहर सलबा बस्ती के समीप लगभग 30 मीटर बारिश के दौरान विगत दो माह पूर्व बह गया था. जल संसाधन विभाग द्वारा अभी तक टूटे हुए नहर का मरम्मत नहीं कराया गया है.  क्षेत्र में बारिश कम होने की वजह से किसानों को फसलों के लिए अपने खेतों पर पानी की चिंता सता रही थी.

ग्रामीणों ने खेतों में पानी नहीं पहुंचने की अपनी समस्या को स्थानीय जन प्रतिनिधियों के समक्ष रखा. इस पर सलबा सरपंच प्रतिनिधि गनेश्वर सिंह ने पहल करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जन सहयोग और श्रम दान से लगभग 30 मीटर 9 इंच के केसिंग पाइप को बांस बल्ली के सहारे टूटे हुए नहर के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचाने का काम कर करके खेतों में पानी पहुंचाने का काम किया.

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स्थानीय पत्रकार द्वारा नहर की वजह से हो रही परेशानी के संबंध में सरगुजा कलेक्टर श्री कुंदन कुमार को रामगढ़ भ्रमण के दौरान उक्त समस्या से अवगत कराया गया.  इस पर उन्होंने तत्काल उदयपुर जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वेद प्रकाश गुप्ता को आवश्यक पहल के दिशा निर्देश दिए. जिस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने मंगलवार को ग्राम सलबा का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया.

चर्चा के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी वेद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि सलबा के ग्रामीणों द्वारा ग्राम पंचायत के सहयोग से वैकल्पिक व्यवस्था कर केसिंग पाइप के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने का व्यवस्था किया गया है जिससे ग्राम सलबा के किसानों के खेतों तक पानी पहुंच गया है और उन्हें खेती में दिक्कत नहीं आएगी. जल संसाधन विभाग द्वारा नहर मरम्मत का कार्य कराए जाने के बाद ही नहर का पानी आगे की ओर बढ़ेगा, जिससे डांडगांव सहित और भी गांव के किसानों को इसका लाभ मिल पाएगा.

फिलहाल ग्राम सलबा के लोगों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने आपसी सहयोग सुझबुझ और श्रमदान से अपने खेतों तक पानी पहुंचाने और फसलों को बचाने का जो काम किया है वह देसी जुगाड़ का बेहतरीन उदाहरण है. उक्त कार्य में जगेश्वर राम उर्रे, आनंद राम कोर्राम, हुमल साय, बोध राम मरावी, गुलाब सिंह, केंदा राम, दीपू सिंह, प्रभु सिंह, मनेश्वर, बीरसाय, जलेश्वर, गौतम सहित दर्जनों ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा.

deshdigital के लिए क्रांति कुमार रावत

 

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