गाजा: इजरायल-हमास युद्ध की विभीषिका के बीच, गाजा के एक पिता ने अपनी बेटी की छोटी-सी खुशी के लिए बड़ा बलिदान दिया. मोहम्मद जवाद ने अपनी बेटी रफीफ के पसंदीदा पारले-जी बिस्किट का पैकेट 24 यूरो (लगभग 2,342 रुपये) में खरीदा, जो भारत में महज 5 रुपये का है. इस दिल छू लेने वाली कहानी को उन्होंने X पर साझा किया, जो अब वायरल हो चुकी है.
जवाद ने बताया कि रफीफ को पारले-जी बहुत पसंद है. युद्ध के कारण गाजा में खाद्य पदार्थों की भारी कमी और कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के बावजूद, वह अपनी बेटी की यह इच्छा पूरी करना चाहते थे. पहले 1.5 यूरो (लगभग 147 रुपये) में मिलने वाला यह पैकेट अब 24 यूरो में मिला. उन्होंने रफीफ का एक वीडियो और तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह खुशी से बिस्किट खाती नजर आ रही है.
गाजा में चल रहा युद्ध वहां के लोगों के लिए जीवन को बेहद कठिन बना चुका है. इजरायल की नाकेबंदी के कारण मानवीय सहायता सीमित है, और जो सहायता पहुंचती भी है, वह जरूरतों को पूरा नहीं कर पाती. इससे रोजमर्रा की चीजें, जैसे बिस्किट, बेहद महंगी और दुर्लभ हो गई हैं. जवाद ने एक अन्य पोस्ट में लोगों से आर्थिक मदद की अपील की, ताकि उनका परिवार इस संकट में जरूरी चीजें खरीद सके.
संयुक्त राष्ट्र और राहत एजेंसियों ने गाजा में भुखमरी के खतरे की चेतावनी दी है. बच्चों में कुपोषण की दर इस साल की शुरुआत से लगभग तीन गुना बढ़ गई है. इस बीच, पारले-जी जैसे साधारण उत्पाद की कीमतें आसमान छू रही हैं, जो क्षेत्र की गंभीर आर्थिक स्थिति को दर्शाता है.
पारले-जी, जिसे 1938 में स्वदेशी आंदोलन के दौरान लॉन्च किया गया था, भारत में एक किफायती और लोकप्रिय नाश्ता है. इसे 20 से अधिक देशों में निर्यात किया जाता है और इसकी पैकेजिंग पर ‘पारले गर्ल’ की तस्वीर भारतीयों के लिए एक परिचित प्रतीक है.
