वैक्सीन की दोनों डोज लेने के नियम से मुंबई में फिर बंद हुए मॉल और शॉपिंग सेंटर्स

वैक्सीन की दोनों डोज लेने के नियम से मुंबई में मॉल और शॉपिंग सेंटर्स फिर बंद होने लगे हैं. दरअसल महाराष्ट्र में 15 अगस्त से सारे मॉल्स और शॉपिंग सेंटर्स को रात दस बजे तक खोलने की इजाजत तो दे दी गई

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मुंबई। वैक्सीन की दोनों डोज लेने के नियम से मुंबई में मॉल और शॉपिंग सेंटर्स फिर बंद होने लगे हैं. दरअसल महाराष्ट्र में 15 अगस्त से सारे मॉल्स और शॉपिंग सेंटर्स को रात दस बजे तक खोलने की इजाजत तो दे दी गई

लेकिन अनलॉक शुरू होने के दो दिनों बाद ही मुंबई में मॉल और शॉपिंग सेंटर्स बंद होने शुरू हो गए हैं. ज्यादातर बड़े मॉल और शॉपिंग सेंटर्स दो दिनों तक किसी तरह खुले लेकिन फिर मंगलवार को शटरें गिरा दी गईं.

वजह है राज्य सरकार की यह शर्त कि सारे स्टाफ का पूर्ण टीकाकरण होना चाहिए. यानि सारे कर्मचारियों के लिए यह जरूरी है कि वे वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हों.

इस सन्दर्भ में कई मॉल्स के मालिकों और मैनेजरों का कहना है कि मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने उन्हें एक मौखिक आश्वासन दिया था जो पूरा नहीं हुआ.

मनपा आयुक्त ने कहा था कि ऐसे स्टाफ को लेकर भी काम करने दिया जाएगा जिन्होंने कम से कम वैक्सीन की एक डोज ली हुई है. लेकिन राज्य सरकार का जो 16 अगस्त को नोटिफिकेशन आया, उसकी शर्तें बहुत कड़ी रखी गईं.

नोटिफिकेशन में यह साफ किया गया है कि सारे स्टाफ का ना सिर्फ पूरी तरह से वैक्सीनेटेड होना जरूरी है बल्कि दूसरी डोज लिए हुए 14 दिन बीत चुके हों, यह भी सुनिश्चित होना जरूरी है.

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ऐसे में मॉल्स ओनर्स और मैनेजरों ने फिलहाल मॉल्स बंद ही रखने का फ़ैसला किया है. एक बयान जारी करते हुए शॉपिंग सेंटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से कहा गया है कि नियमों की जो शर्तें लादी गई हैं, उन्हें पालन करते हुए मॉल खोलना संभव नहीं है.

उनका कहना है कि सारे स्टाफ को पूरी तरफ से वैक्सीनेटेड होने में कम से कम एक महीना और लगेगा. वो भी तब जब वैक्सीन आसानी से उपलब्ध हो.

वरना जब तक सभी स्टाफ सेकंड डोज नहीं ले लेते और उसके बाद 14 दिन का समय नहीं गुजार लेते, तब तक मजबूरन मॉल्स बंद रखने पड़ेंगे.

मॉल मालिकों और मैनेजरों का कहना है कि उनके ज्यादातर स्टाफ 45 साल से कम उम्र के हैं. 18 से 44 साल की उम्र के लोगों के लिए वैक्सीनेशन मई महीने से शुरू हुआ है.

इसके बाद यह मुहिम वैक्सीन की कमी की वजह से रोकी भी गई. इसके बाद केंद्र सरकार ने दो डोज के बीच के गैप को भी बढ़ा कर 30 से 45 दिन कर दिया. इस वजह से ज्यादातर स्टाफ सिर्फ एक ही डोज ले पाए हैं.

इस तरह सारे स्टाफ का सितंबर के आखिर तक ही डबल डोज कंप्लीट हो पाएगा. इनका यह भी तर्क है कि अगर बाहर जाने वाले विद्यार्थियों के लिए दोनों डोज में अंतर को कम करने की इजाजत दी जा सकती है तो रोजी-रोटी कमाने वालों के लिए दो डोज के बीच के अंदर को क्यों नहीं कम किया जा सकता.

फिलहाल मॉल मालिकों और मैनेजरों की मांग है कि प्रशासन सिंगल डोज वाले स्टाफ के साथ भी मॉल खोलने की इजाजत दे.

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