पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद करने का फैसला: भारत के लिए उड़ानें प्रभावित, लाखों की आर्थिक क्षति की आशंका
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने पाहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है. इस फैसले का मकसद भारत के विमानन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाना था, लेकिन यह कदम पाकिस्तान के लिए ही भारी पड़ सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे पाकिस्तान को ओवरफ्लाइट शुल्क से होने वाली लाखों रुपये की आय रुक जाएगी, जो उसकी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है.
पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र भारत से यूरोप, उत्तरी अमेरिका और मध्य पूर्व जाने वाली उड़ानों के लिए एक महत्वपूर्ण गलियारा है. इस क्षेत्र को बंद करने से भारतीय एयरलाइंस को लंबे रास्ते अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे ईंधन की लागत बढ़ रही है और उड़ानें 2 से 2.5 घंटे अधिक समय ले रही हैं. दिल्ली, अमृतसर, जयपुर, लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों से उड़ान भरने वाली उड़ानें अब अरब सागर के ऊपर से लंबा चक्कर लगा रही हैं. इससे यात्रियों को देरी और बढ़ी हुई किराए की मार झेलनी पड़ रही है.
हालांकि, इस फैसले का सबसे बड़ा नुकसान पाकिस्तान को हो रहा है. भारतीय उड़ानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद करने से पाकिस्तान को ओवरफ्लाइट शुल्क से होने वाली आय पूरी तरह बंद हो जाएगी. एक बोइंग 737 विमान के लिए यह शुल्क लगभग 580 डॉलर है, और बड़े विमानों के लिए यह और अधिक है. 2019 में पुलवामा हमले के बाद हवाई क्षेत्र बंद करने से पाकिस्तान को करीब 10 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ था. उस समय रोजाना लगभग 400 उड़ानें प्रभावित हुई थीं, जिससे पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी (सीएए) और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) को प्रतिदिन 7.6 लाख डॉलर का नुकसान हुआ था.
विश्लेषकों का अनुमान है कि मौजूदा बंदी से पाकिस्तान को रोजाना 2.32 लाख डॉलर का नुकसान केवल ओवरफ्लाइट शुल्क से हो सकता है. लैंडिंग और पार्किंग जैसे अन्य शुल्कों को जोड़ने पर यह नुकसान 3 लाख डॉलर प्रतिदिन तक पहुंच सकता है. इसके अलावा, पीआईए को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के निलंबन और घरेलू उड़ानों के लंबे रास्तों के कारण रोजाना 4.6 लाख डॉलर का नुकसान हो रहा है. कुल मिलाकर, पाकिस्तान को प्रतिदिन लगभग 7.6 लाख डॉलर की चपत लग सकती है.
सोशल मीडिया पर भी इस फैसले की आलोचना हो रही है. एक पाकिस्तानी यूजर ने भारतीय उड़ान के लंबे रास्ते का वीडियो साझा करते हुए टिप्पणी की, “और लो पंगा.” जवाब में, एक अन्य यूजर नरेंद्र मेनन ने लिखा, “पाकिस्तान दुनिया के तीसरे सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते विमानन बाजार से ओवरफ्लाइट शुल्क खो रहा है. यह हर साल लाखों डॉलर का नुकसान है.” मेनन ने स्पष्ट किया कि भारत से पश्चिम की ओर जाने वाली अधिकांश उड़ानें भारतीय एयरलाइंस जैसे एयर इंडिया और इंडिगो द्वारा संचालित होती हैं, इसलिए पाकिस्तान को इस आय का बड़ा हिस्सा खोना पड़ेगा.
पाकिस्तान का यह कदम भारत के साथ बढ़ते तनाव का हिस्सा है, जो पाहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद और गहरा गया है. भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि पाकिस्तान ने इन आरोपों से इनकार किया है. इस बीच, भारतीय एयरलाइंस ने यात्रियों को देरी और उड़ान परिवर्तनों के लिए तैयार रहने की सलाह दी है. एयर इंडिया और इंडिगो ने कहा है कि उनकी उड़ानें अब वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करेंगी, जिससे यात्रा का समय और लागत बढ़ेगी.
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी खतरा बन सकती है. पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान के लिए यह नुकसान उसकी वित्तीय स्थिति को और कमजोर कर सकता है. अगर यह बंदी लंबे समय तक जारी रही, तो पाकिस्तान को 2019 की तरह ही भारी आर्थिक झटका लग सकता है.
