उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का बड़ा बयान: संसद सर्वोच्च, कोई संस्था नहीं है ऊपर

0 66
Wp Channel Join Now

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने हाल ही में संसद की सर्वोच्चता को लेकर एक अहम बयान दिया है. उन्होंने कहा कि संसद भारत में सबसे उच्चतम अधिकार रखने वाली संस्था है, और इससे ऊपर कोई अन्य संस्था या सत्ता नहीं हो सकती. मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान धनखड़ ने यह स्पष्ट किया कि संसद में चुने गए सांसद जनता की इच्छा का प्रतिनिधित्व करते हैं और लोकतांत्रिक प्रणाली में यह संसद ही सर्वोच्च है.

यह बयान धनखड़ के पहले सुप्रीम कोर्ट पर दिए गए विवादास्पद टिप्पणियों के बीच आया है. उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक संवैधानिक पदाधिकारी द्वारा किए गए प्रत्येक बयान को हमेशा राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए दिया जाता है.

उन्होंने आगे कहा कि संसद को संविधान के निर्माण और उसमें किए गए संशोधनों का पूरा अधिकार है, और इसमें बाहरी हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए. धनखड़ के मुताबिक, सांसदों के पास संविधान को आकार देने का पूरा अधिकार है, और इसके खिलाफ कोई भी अन्य शक्ति नहीं हो सकती.

यह बयान उस समय आया है जब कुछ वर्गों ने धनखड़ की पहले की टिप्पणियों पर आलोचना की थी. हालांकि, उपराष्ट्रपति ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र में संसद का महत्व सर्वोच्च होता है. उन्होंने यह भी कहा कि एक संवैधानिक अधिकारी का हर बयान देश के सर्वोत्तम हित में होता है, और चुने गए प्रतिनिधियों को संविधान से संबंधित मुद्दों पर अंतिम फैसला लेने का अधिकार है.

धनखड़ के इस बयान ने भारत में संसद और न्यायपालिका के बीच शक्ति के संतुलन को लेकर एक नई बहस को जन्म दिया है. उनका यह रुख खासकर न्यायपालिका की भूमिका पर केंद्रित है और संसद की प्राथमिकता को लेकर उनकी स्पष्टता को दिखाता है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.