यूनेस्को MGIEP और एड इंडिया द्वारा 10 हजार शिक्षकों को डिजिटल लर्निंग प्रशिक्षण

यूनेस्को MGIEP और एड इंडिया फाउंडेशन 10 हजार सरकारी शिक्षकों को डिजिटल लर्निंग और सोशल इमोशनल लर्निंग के लिए प्रशिक्षित करेगा |

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रायपुर | यूनेस्को MGIEP और एड इंडिया फाउंडेशन 10 हजार सरकारी शिक्षकों को डिजिटल लर्निंग और सोशल इमोशनल लर्निंग के लिए प्रशिक्षित करेगा | छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लिए यह बेहतर अवसर है |

एड इंडिया फाउंडेशन और यूनेस्को महात्मा गांधी शिक्षा संस्थान (MGIEP) द्वारा शिक्षण में डिजिटल टूल का उपयोग करने तथा शिक्षण के दौरान सामाजिक-भावनात्मक संदर्भ को एकीकृतकरने के उद्देश्य से 10 हजार सरकारी शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा |

यह प्रशिक्षण शांति और सतत विकास के लिए यूनेस्को महात्मा गांधी शिक्षा संस्थान द्वारा विकसित एक स्वपठित परस्पर संवादात्मक सर्टिफिकेट कोर्स के रूप में होगा।

एड इंडिया फाउंडेशन के प्रमुख अयान चटर्जी ने कहा, “UNESCOMGIEP और एड इंडिया मास्टर ट्रेनर्स के लिए ऑनलाइन कार्यशालाओं की एक श्रृंखला आयोजित करने के लिए मिलकर काम करेंगे। इसके तहत राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में सेवाकालीन और पूर्व-सेवाशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा | इन राज्यों में एड इंडिया फाउंडेशन काम कर रहा है।

डिजिटल लर्निंग कोर्स शिक्षकों की शिक्षण और प्रशिक्षण में टेक्नोलॉजी का उपयोग करने की क्षमता को विकसित करने में मददगार होगा, जबकि सोशल एंड इमोशनल लर्निंग (SEL) पाठ्यक्रम शिक्षकों को छात्रों के प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए उनके सामाजिक और भावनात्मक पहलुओं को समृद्ध करने का काम करेगा| इन कोर्स का लक्ष्य राज्य स्तर पर शिक्षक संवर्ग से प्रमाणित मास्टरप्रशिक्षकों और प्रमुख शैक्षणिक संसाधनों का एक संवर्ग बनानाहै।

साझेदारी के बारे में बोलते हुए, यूनेस्कोएमजी आईईपी के निदेशक, डॉ अनंत दुरई अप्पा नेव्यक्तकिया, “हमें डिजिटल लर्निंग और सोशल एंड इमोशनल लर्निंग में 10,000 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए एड इंडिया के साथ साझेदारी करके बहुत खुशी हो रहीहै |

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डिजिटल लर्निंग का उपयोग अब एक्स़ल, वर्ड, पीडीएफ और पावर पॉइंट प्रस्तुतियों से आगे सीखने-सिखाने की प्रक्रियाओं, अनुभवों को साझा करने तथा सीखने के विभिन्न आयामों में किये जाने की आवश्यकता है | इसके अलावा सोशल एंड इमोशनल लर्निंग इस बदलते परिवेश में शिक्षकों और छात्रों के लिए भावनात्मक लचीलापन विकसित करने में मददगार साबित होगा |

एड इंडिया फाउंडेशन की निदेशक सोनाक्षी अग्रवाल ने कहा, “यूनेस्को के साथ हम इस साझेदारीको लेकरबहुत उत्साहित हैं|  यह एक महत्वपूर्ण साझेदारी है,जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 में स्कूलों के पाठ्यक्रम में सोशल एंड इमोशनल लर्निंग को एकीकृत करने औरशिक्षकोंको डिजिटल शिक्षण में सक्षम बनाने की बहुत मजबूती से सिफारिश की गई है और एड इंडिया फाउंडेशन को राज्य और केंद्र सरकार के इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करने का अवसर प्राप्त हुआ है |

 क्या है एड इंडिया फाउंडेशन

एड इंडिया फाउंडेशन (www.edindia.org), स्टरलाइट पावर द्वारा समर्थित एक एड-टेकगैर-लाभकारी संस्था है, जो बड़े पैमाने पर कक्षाकक्ष शिक्षण में टेक्नोलॉजी के उपयोग करने के उद्देश्य से शिक्षकों की क्षमातावर्धन का काम करती है| यह Sterlite Power की CSR शाखा है और राजस्थान, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और महाराष्ट्र में क्षेत्रीय कार्यालयों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर काम करती है। यह सरकारी स्कूलों में शिक्षक सहायता पर केंद्रित है |

यूनेस्को एमजीआईईपी के बारे में

यूनेस्को MGIEPसामाजिक औरभावनात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने, डिजिटल शिक्षा विकसित करने को लेकर काम करती है | यूनेस्को MGIEP युवाओं को सशक्त बनाने वाले कार्यक्रमों को विकसित करके दुनियाभर में शांतिपूर्ण औरटिकाऊ समाज के निर्माण के लिए संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य 4.7 कोप्राप्त करने पर केंद्रित है |

यह जानकारी जारी विज्ञप्ति में प्रोग्राम लीड – एड इंडिया देबासीष नंदी ने दी |

 

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