बैरन के बहाने

आम बैरन जिसे अक्सर बस बैरन कहा जाता है रूपांतरण या अनुकूलन या रंग बदलने का यह एक बेहतरीन नमूना है । प्राणी आत्मरक्षा के लिए प्राकृतिक रूप से ऐसा परिवर्तन अंगीकार कर लेते हैं।   पर दुनिया में बेचारा गिरगिट रंग बदलने के जन्मजात गुण के कारण बदनाम होकर मुहावरा बन गया है | यह उसकी मजबूरी है वर्ना पेट न भरे और जान के भी लाले पड़ जाएँ | वह तो रंग बदलता है अपने जीवन को बचाने के लिए | किसी को नुकसान पहुँचाने की हिम्मत या ताकत नहीं, लिहाजा क्या करे |

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-डॉ निर्मल कुमार साहू

आम बैरन जिसे अक्सर बस बैरन कहा जाता है रूपांतरण या अनुकूलन या रंग बदलने का यह एक बेहतरीन नमूना है । प्राणी आत्मरक्षा के लिए प्राकृतिक रूप से ऐसा परिवर्तन अंगीकार कर लेते हैं।

पर दुनिया में बेचारा गिरगिट रंग बदलने के जन्मजात गुण के कारण बदनाम होकर मुहावरा बन गया है | यह उसकी मजबूरी है वर्ना पेट न भरे और जान के भी लाले पड़ जाएँ | वह तो रंग बदलता है अपने जीवन को बचाने के लिए | किसी को नुकसान पहुँचाने की हिम्मत या ताकत नहीं, लिहाजा क्या करे |

कुछ कीड़े अपने जन्म के बाद विकसित होते ख़तरनाक बन जाते हैं कि आप ने भूल से छू लिया तो आपको नुकसान पहुँचता/ है |

बारिश के मौसम में पेड़ पौधे हरे-भरे हो जाते हैं और ऐसे न जाने कितने कीड़ों का आहार बनते हैं , उनके विकसित होने का ठिकाना बनते हैं|

इसी तरह के एक कीट प्रजाति की है तितली, जिसे हर कोई प्यार करता है , छूना चाहता है |  आँखों को सुकून देने वाली यह तितली, अपने विकास के पहले चरण में काफी खतरनाक होती है |

यह विडिओ महासमुंद जिले के बसना निवासी प्रकृति प्रेमी गुरूजी बद्री प्रसाद पुरोहित ने फेस बुक पर पोस्ट करते लिखा है –

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देखिए आम के पत्तों में बैठा यह कीड़ा जब मेरा हाथ लगा तब हरकत में आया। रूपांतरण या अनुकूलन या रंग बदलने का यह एक बेहतरीन नमूना है।प्राणी आत्मरक्षा के लिए ऐसा परिवर्तन अंगीकार कर लेते हैं।ऐसा एक कीड़ा होता है जिसे मेरी (संबलपुरी) बोली में”पतरलेछा”बोलते हैं उसका स्पर्श हो जाने से तीव्र जलन होता है। इस कीड़े का नाम,गुण यदि मेरे किसी कीट विज्ञानी मित्र को मालूम हो तो वे अवगत कराएंगे।बाकी मित्र इस अनोखे कीड़े को देख आश्चर्य मिश्रित हर्ष का अनुभव कर लें।

जवाब  कई तरह के हैं | हमने भी गूगल खंगाला जो सामने आया वह यह कि इसको Barron Caterpillar (आम बैरन) जिसे अक्सर बस बैरन कहा जाता है  का जीव वैज्ञानिक नाम Euthalia aconthea (यूथालिया एकेंटिया) है| श्रीलंका, भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए एक मध्यम आकार का निफ़लिड तितली है।

छत्तीसगढ़ में गर्मी में तेंदूपत्ता तोड़ा जाता है ,इन हरे-भरे पत्तों में भी ये रहते पनपते पाए गये हैं |  तेंदूपत्ता मजदूर इन्हें बखूबी पहचानता है और ऐसे पत्तों को तोड़ फेंक देता है |

विकास की जिस अवस्था में जिसे सभी छूने से डरते हैं, जिसे देख आपके रोंगटे खड़े हो जाएँ वही एक दिन पूर्ण विकसित होकर तितली बनकर आँखों को सुकून देती है | लेकिन तब तक उसकी मूल प्रवृति खत्म हो जाती है | नाम बैरन हुआ तो क्या सबकी दोस्त |

pics https://en.wikipedia.org/

रूपांतरण या अनुकूलन या रंग बदलने का यह एक बेहतरीन नमूना है । प्राणी आत्मरक्षा के लिए प्राकृतिक रूप से ऐसा परिवर्तन अंगीकार कर लेते हैं।

इन दिनों देश की राजनीति में इस तरह के रूपांतरण और अनुकूलन की प्रकृति काफी बढ़ गई है | राजनीति में  इस प्रकृति को अवसरवादी कहा/ माना जाता है|  इनका डंक लोकतंत्र की सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है |

लोकतंत्र के हरे-भरे पत्तों पर चोर-उच्चके, गुंडे-मवाली ,हत्यारे-बलात्कारी, की फ़ौज पनपने लगी है | ये पूर्ण विकसित होकर काफी खतरनाक साबित हो रहे हैं क्योंकि ये अपनी मूल प्रवृति को दिन दूना बढ़ा लेते हैं |

हर 5 साल में जब इनका मौसम आता है तो ऐसे जीव प्रकट होने लगते हैं ,यही मौका है जब आप वोट रूपी कीटनाशक का प्रयोग करें| तभी लोकतंत्र मजबूत होगा |

 

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