हंगामे के बीच ट्रिब्यूनल रिफार्म्स बिल 2021 पेश

संसद के मानसून सत्र में लगातार हंगामा जारी है। सदन में बहस के लिए मुद्दों के चुनाव में मतभेद के कारण आज सोमवार को भी हंगामा हुआ।  हंगामे के कारण लोकसभा में प्रश्नकाल पूरा नहीं हो पाया। हंगामे के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने ट्रिब्यूनल में सुधार से संबंधित ट्रिब्यूनल रिफार्म्स बिल 2021 को पेश किया। इस बिल के माध्यम से विभिन्न ट्रिब्यूनल की व्यवस्था को समाप्त कर न्याय प्रणाली को सरल और व्यावहारिक बनाने की तैयारी है। हंगामे के कारण तीसरी बार साढ़े तीन बजे तक के लिए सदन स्थगित हुआ।

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नई दिल्ली | संसद के मानसून सत्र में लगातार हंगामा जारी है। सदन में बहस के लिए मुद्दों के चुनाव में मतभेद के कारण आज सोमवार को भी हंगामा हुआ।  हंगामे के कारण लोकसभा में प्रश्नकाल पूरा नहीं हो पाया। हंगामे के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने ट्रिब्यूनल में सुधार से संबंधित ट्रिब्यूनल रिफार्म्स बिल 2021 को पेश किया। इस बिल के माध्यम से विभिन्न ट्रिब्यूनल की व्यवस्था को समाप्त कर न्याय प्रणाली को सरल और व्यावहारिक बनाने की तैयारी है। हंगामे के कारण तीसरी बार साढ़े तीन बजे तक के लिए सदन स्थगित हुआ।

इससे पहले निचले सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे शुरू होने पर विपक्षी दलों के सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘अधिकरण सुधार (सुव्यवस्थीकरण और सेवा शर्तें) विधेयक’ को वापस लिया और इसके स्थान पर ‘अधिकरण सुधार विधेयक, 2021’ पेश किया। यह विधेयक इससे संबंधित अध्यादेश का स्थान लेगा।

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विधेयक पेश किये जाने का विरोध करते हुए सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार विपक्ष के अधिकारों का दमन करते हुए एक के बाद एक विधेयक ला रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम चर्चा चाहते हैं। लेकिन शुरुआत में पेगासस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए।’’

विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय ने अपने बहुत से निर्णयों में अधिकरणों से उच्चतम न्यायालय में सीधे अपील दायर करने का विरोध किया है। अत: अधिकरणों का और सरलीकरण आवश्यक समझा गया क्योंकि इससे राजकोष में पर्याप्त खर्च की बचत होगी और त्वरित रूप से न्याय प्रदान किया जा सकेगा।

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