छत्तीसगढ़ को मिला देश का सबसे स्वच्छतम राज्य का अवॉर्ड

ई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित स्वच्छ अमृत महोत्सव में  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को स्वच्छता अवॉर्ड  देकर सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ लगातार तीसरी बार स्वच्छता में नम्बर एक पर  है |

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नई दिल्ली| देश की राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित स्वच्छ अमृत महोत्सव में  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को स्वच्छता अवॉर्ड  देकर सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ लगातार तीसरी बार स्वच्छता में नम्बर एक पर  है | इससे पहले वर्ष 2019 और 2020 में स्वच्छता के लिए  छत्तीसगढ़  को सम्मानित किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़  सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर  लिखा”बात है अभिमान की! आप सबको बधाई, छत्तीसगढ़ को स्वच्छ अमृत महोत्सव कार्यक्रम में सबसे स्वच्छ राज्य श्रेणी में आज पुरस्कृत किया गया है|

बापू कहते थे, “स्वच्छता को अपने आचरण में इस तरह अपना लो कि वह आपकी आदत बन जाए.” छत्तीसगढ़वासियों की यही आदत हमें लगातार तीसरी बार स्वच्छतम राज्य बनाती है|

तालियां रुकनी नहीं चाहिए.. क्योंकि यह अवार्ड समर्पित है उन सब लोगों को जिनके कारण यह संभव हो पाया। हमारी स्वच्छता दीदी, सफाई व्यवस्था से जुड़े सभी लोग, शासन और प्रशासन के प्रतिनिधि और हमारे प्रदेश की स्वच्छता प्रेमी महान जनता। हमारे लिए गौरव का दिन|

 

पुरस्कार ग्रहण करने मुख्यमंत्री के साथ ही शहरी विकास मंत्री शिव कुमार डहरिया, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी, आवासीय आयुक्त एम गीता, स्वच्छ भारत मिशन के डायरेक्टर सौमिल रंजन चौबे समारोह में शामिल हुए।

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छत्तीसगढ़ देश का ऐसा एक मात्र प्रदेश है जहां पर नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी के सिद्धांतों के अनुरूप 9000  से अधिक स्वच्छता दीदियों द्वारा घर-घर से 1600 टन गीला एवं सूखा कचरा एकत्रीकरण करते हुए वैज्ञानिक रीति से कचरे का निपटान किया जा रहा है। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को देश का प्रथम ओडीएफ़ प्लस प्लस राज्य घोषित किया गया है।

नगर निगमों को मिला पुरस्कार

स्वच्छ सर्वेक्षण, गार्बेज फ्री सिटी के लिए रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, अम्बिकापुर महापौर अजय तिर्की, भिलाई चरोदा के महापौर चंद्रकांत मांडले, बिलासपुर महापौर रामशरन यादव, चिरमिरी की महापौर कंचन जयसवाल, रायगढ़ महापौर जानकी अमृत काटजू, कोरबा महापौर राजकिशोर प्रसाद, राजनांदगांव महापौर हेमासुदेश देशमुख, दुर्ग महापौर धीरज बकलीवाल के साथ ही नगर निगम के आयुक्त, नगर पालिका अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नोडल अधिकारियों ने पुरस्कार ग्रहण किया।

छत्तीसगढ़ के सर्वाधिक निकाय पुरस्कृत

छत्तीसगढ़ ने स्वच्छता के क्षेत्र में अपना परचम लहराते हुए देश के स्वच्छ्तम राज्य के अपने दर्जे को बरकरार रखते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। छत्तीसगढ़ को न सिर्फ़ राज्य के रूप में, बल्कि यहां के 67 शहरी निकायों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है जिसके सबसे ज्यादा निकाय पुरस्कृत किए जा रहे हैं। स्वच्छता के मामले में छत्तीसगढ़ वर्ष 2019 एवं 2020 में भी अग्रणी राज्य रहा है।

इस तरह स्वच्छता में छत्तीसगढ़ ने मारी बाजी

स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रपति द्वारा दिए जाने वाले 239 पुरस्कारों में से 67 पुरस्कार छत्तीसगढ़ से संबंधित हैं। यह बड़ी उपलब्धि है।
इस सफलता के पीछे 10 हजार से अधिक स्वच्छता दीदीयां हैं।
गांवों के 7 हजार 500 से अधिक गौठानों में लगभग 5 हजार स्व सहायता समूहों की 70 हजार महिलाएं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण को बेहतर बनाने में जुटी हुई हैं। नरवा-गरवा-घुरवा-बारी कार्यक्रम से स्वच्छता अभियान को जोड़ा।
सिंगल यूज प्लास्टिक बैन पर जोर दिया।  6-R पॉलिसी यानी रीथिंक,  रियूज, रिसाइकिल, रिपेयर, रिड्यूस,  रिफ्यूज के आधार पर काम किया इससे नए अपशिष्ट बनने की मात्रा कम होने लगी। बस्तियों में सामुदायिक और सार्वजानिक शौचालय बनाए।
मानव मल प्रबंधन के लिए फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए,  जहां सीवर का पानी ट्रीट होता है। लोगों को जागरुक करने के लिए स्वच्छता दीदियों ने डोर-टू-डोर जाकर लोगों को गीला-सूखा कचरा अलग रखने के लिए प्रशिक्षण दिया। नागरिकों की स्वच्छता संबंधी शिकायतों को 24 घंटे के अंदर निपटान के लिए टोल फ्री नम्बर 1100 की व्यवस्था की गई। गूगल से सभी सार्वजानिक एवं सामुदायिक शौचालयों को जोड़ा गया ताकि लोग अपने आस-पास के शौचालय को फोन पर ही सर्च कर सकें। गोधन न्याय योजना से सफाई और आमदनी दोनों बढ़ी।

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