भाजपा में सीएम पद के लिए कई चेहरे , एक छोटा सा चेहरा मेरा भी-रमन सिंह

छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अब भाजपा में मुख्यमंत्री के चेहरे पर चर्चा शुरू हो गई है। आज गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रायपुर प्रेस क्लब में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में सीएम के चेहरे पर के एक सवाल पर चुप्पी तोड़ते कहा भाजपा में सीएम पद के लिए कई चेहरे हैं। इनमें से एक छोटा सा चेहरा मेरा भी है।

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रायपुर|  छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अब भाजपा में मुख्यमंत्री के चेहरे पर चर्चा शुरू हो गई है। आज गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रायपुर प्रेस क्लब में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में सीएम के चेहरे पर के एक सवाल पर चुप्पी तोड़ते कहा भाजपा में सीएम पद के लिए कई चेहरे हैं। इनमें से एक छोटा सा चेहरा मेरा भी है। इसके साथ ही टीएस सिंहदेव को सीएम बनाने की कोशिश के सवाल पर अपने 14 विधायक पर विश्वास जताया।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम में भूपेश सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि सरकार में कल्पनाशीलता की कमी है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने  बिजली के दामों में बढ़ोत्तरी पर भूपेश सरकार को जमकर कोसा । उन्होंने कहा कि बिल हाफ करने की बात कांग्रेस ने कही थी, लेकिन आज बिजली बिल हाफ नहीं हुआ, जेब साफ हो गया। भाजपा आगामी समय में भी बिजली दर में वृद्धि के खिलाफ सड़क की लड़ाई लड़ेगी।

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पूर्व सीएम ने कहा कि  छत्तीसगढ़ में 15 साल और ढाई साल की तुलना होती है। वर्ष 2003 में छत्तीसगढ़ में कुल सड़क निर्माण 25 हजार से 3 गुना बढ़ाया गया। 22 हजार स्कूल को 62 हजार किया। पावर सरप्लस के रूप में छत्तीसगढ़ में कार्य हुआ। गरीबों के लिए 1 रुपए किलो चावल, शून्य प्रतिशत में ब्याज दिया। किसान क्रेडिट कार्ड आने से पूर्व छत्तीसगढ़ का किसान कर्ज में डूबा था। जिसे हमने कम किया। 5 से 70 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की क्षमता छत्तीसगढ़ की हुई। 15 साल में प्रदेश का एक ढांचा तैयार किया गया, लेकिन ढाई साल में सरकार कोई बड़ा प्रोजक्ट नहीं ला पाई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद पार्टी के भीतरखाने में कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। भाजपा में पिछडा  और आदिवासी मुख्यमंत्री के चेहरे पर चर्चा गरमाने लगी है।

वहीँ पिछला विधानसभा चुनाव के हार के बाद रमन सिंह का कद कुछ कमतर आंका जाने लगा है। वर्ष  2019 के लोकसभा चुनाव में भी रमन सिंह को तरजीह नहीं मिली। उनके   बेटे अभिषेक  को भी टिकट नहीं मिली| लोकसभा में सारे प्रत्याशी नए थे जिन्हे जीत भी मिली।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा संगठन में रमन सिंह की कमजोर पकड़ और प्रदेश में वरिष्ठ नेताओं की  अंतर्कलह से अब केंद्रीय समिति भी वाकिफ हो चुकी है। वर्ष  2023 के चुनाव में शायद ही भाजपा पहले से छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करे।

 

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