15 अगस्त से ही काबुल में बंद है यूनिवर्सिटी, दो प्रोफेसरों ने लगाई वतन वापसी की गुहार

15 अगस्त को डॉ मोहम्मद आसिफ शाह रोज़ की तरह अपने अफगानी छात्रों को इकोनॉमिक्स पढ़ा रहे थे। कुलगाम के डॉ शाह पिछले चार सालों से काबुल की बख्तार यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहे हैं।

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काबुल। 15 अगस्त को डॉ मोहम्मद आसिफ शाह रोज़ की तरह अपने अफगानी छात्रों को इकोनॉमिक्स पढ़ा रहे थे। कुलगाम के डॉ शाह पिछले चार सालों से काबुल की बख्तार यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहे हैं।

यह दिन का दूसरा बैच था, जब विभाग के प्रमुख उनकी क्लास में पहुंचे और कहा कि बाहर हालात खराब हो रहे हैं, सभी छात्रों को तुरंत घर भेज दो।

हालात बिगड़ते ही सभी छात्र वहां से चले गए और डॉ शाह यूनिवर्सिटी कैंपस में ही बने हॉस्टल में लौट गए। 15 अगस्त से ही मैनेजमेंट के फैसले के बाद अब यूनिवर्सिटी बंद पड़ी है।

डॉ आसिफ बताते हैं कि उनके साथ कश्मीर के एक और प्रोफेसर आदिल रसूल भी उसी यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट पढ़ाते हैं। आदिल रसूल की पत्नी भी उनके साथ काबुल में रहती हैं।

डॉ आसिफ ने कहा कि वो जल्द से जल्द भारत लौटना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय द्वारा जारी हेल्पलाइन और ईमेल के जरिए वो गुहार लगा चुके हैं, और जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

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डॉ आसिफ बताते हैं कि उन्होंने 16 अगस्त के दिन कश्मीर लौटने के लिए फ्लाइट की टिकट बुक कराई थी और उनके साथ प्रोफेसर आदिल रसूल और उनकी पत्नी भी देश लौटने को तैयार थे, लेकिन 16 अगस्त को ही काबुल एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कमर्शियल उड़ानों पर रोक लगा दी गई।

फिलहाल डॉ आसिफ, प्रोफेसर आदिल रसूल और उनकी पत्नी बख्तार यूनिवर्सिटी में ही फंसे हुए हैं और वो कैम्पस से बाहर निकलने की सोच भी नहीं सकते।

वो इस इंतज़ार में हैं कि उन्हें वहां से सुरक्षित निकाल कर भारत भेज दिया जाए। आदिल रसूल के परिवार ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से अपील की है कि सुरक्षित काबुल से निकालकर उन्हे घर लाया जाए।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अफगानिस्तान में फंसे दोनों कश्मीरी प्रोफेसरों को निकालने का मुद्दा केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरण के सामने उठाया।

केंद्रीय मंत्री ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को आश्वासन दिया कि सरकार अफगानिस्तान से प्रत्येक भारतीय नागरिक को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। मनोज सिन्हा ने ट्वीट कर प्रोफेसरों के परिवारों को आश्वासन दिया कि वह सुरक्षित हैं और जल्द घर लौटेंगे।

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