भूपेश केबिनेट का फैसला : कोरोना से मृत कर्मियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति, न्याय योजना के तहत अब 9 हजार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कई ये अहम फैसले लिए  गये| प्रमुख फैसलों में कोरोना से मृत करीब एक हजार कर्मियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति शामिल है| राजीव  गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को 9 हजार रूपये दिये जायेंगे|

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रायपुर| मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केबिनेट की बैठक में कई ये अहम फैसले लिए  गये| प्रमुख फैसलों में कोरोना से मृत करीब एक हजार कर्मियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति शामिल है| राजीव  गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को 9 हजार रूपये दिये जायेंगे|

पिछले वर्ष धान की रिकॉर्ड खरीदी करने वाली सरकार अब धान की फसल पर निर्भरता खत्म करने की ओर बढ़ रही है। राज्य सरकार ने आज राजीव गांधी किसान न्याय योजना में धान उत्पादकों को मिलने वाली 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की आदान सहायता को घटाकर 9 हजार रुपए कर दिया। सरकार ने इस योजना में दलहनी-तिलहनी फसलों और कृषि वानिकी को भी शामिल कर लिया।

इसके मुताबिक कोई किसान अपने धनहर खेत में पेड़ लगाता है तो सरकार उसे पहले दो वर्षों तक प्रति एकड़ 9 हजार रुपए की सहायता चार किश्तों में देगी। तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने हेतु 10 प्रतिशत के सीमा बंधन को 31 मई 2022 तक के लिए शिथिल किए जाने का अनुमोदन किया गया। इससे कोरोना से मृत करीब एक हजार कर्मियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति मिलेगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज हुई केबिनेट की बैठक में आज राजीव गांधी किसान न्याय योजना के विस्तार पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि बैठक में तय हुआ कि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ जाने से राज्य सरकार की ओर से दी जा रही 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की मदद से मूल्य 2500 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक हो जा रहा है। इसको संतुलित करने के लिए यह 9 हजार रुपए प्रति एकड़ कर दी जाए। थोड़ी देर चर्चा के बाद यह प्रस्ताव पारित हो गया। लेकिन इसमें यह जोड़ दिया गया कि अगले वर्षों में धान का समर्थन मूल्य बढ़ा तब भी यह सहायता 9 हजार रुपए से कम नहीं की जाएगी।

इसके साथ ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना के विस्तार के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई। अब सरकार इस साल खरीफ की सभी फसलों धान, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, कपास, पटसन, गन्ना और कृषि वानिकी को भी 9 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता प्रदान करेगी। इस योजना में समस्त श्रेणी के भूमि स्वामी कृषक एवं वन पट्टाधारी कृषक पात्र होंगे। कृषि वानिकी में यह सहायता पौधा लगाने के पहले दो वर्षों तक ही चार किश्तों में अदा की जाएगी। वहीं गन्ना उत्पादक किसानों को 84.25 रुपए प्रति क्विंटल की दर से यह सहायता मिलेगी।

सरकार ने मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना शुरू करने का भी फैसला किया। इसके तहत निजी क्षेत्र, कृषकों, शासकीय विभागों एवं ग्राम पंचायतों की भूमि पर इमारती, गैर इमारती प्रजातियों के वाणिज्यिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 100 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान किया जाएगा।

इस योजना के तहत खरीफ वर्ष 2020-21 में धान की फसल लेने वाले किसान यदि इसके बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करेंगे तो उन्हें आगामी 3 वर्षों तक प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए प्रति एकड़ के मान से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस योजना के तहत अगर संयुक्त वन प्रबंधन समितियां किसी राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण करती हैं तो उन्हें भी फायदा होगा। समिति को एक वर्ष बाद प्रति एकड़ के मान से 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। बाद में वृक्षों को काटने और बेचने का अधिकार संबंधित समिति काे होगा।

सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ 2020 में धान उत्पादक पंजीकृत कृषकों एवं धान बीज उत्पादक कृषकों को 5 हजार 837 करोड़ 40 लाख रुपए देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। यह राशि चार किश्तों में अदा की जाएगी। मंत्रिमंडलीय उपसमिति इसका फैसला पहले ही ले चुकी है। योजना की पहली किश्त 21 मई को दी जानी है।

भूपेश बघेल केबिनेट ने गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हुई झड़प में शहीद कांकेर के सिपाही गणेश राम कुंजाम की बहन गंगा को नौकरी देने का फैसला किया है। गंगा कुंजाम को कांकेर के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 का पद दिए जाने का प्रस्ताव है। पिछले वर्ष बिहार रेजिमेंट के सिपाही गंगा राम कुंजाम की शहादत पर मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की थी।

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ महतारी दुलारी योजना का भी अनुमोदन किया। इस योजना से कोरोना की वजह से अपने माता-पिता अथवा परिवार के कमाऊ सदस्य को गंवा चुके बच्चों को नि:शुल्क स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे बच्चों को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को 500 तथा कक्षा नवमीं से बारहवीं तक के बच्चों को 1000 रुपए प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी दिए जाने का प्रावधान है।

केबिनेट के अन्य फैसले

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जरूरी सामग्रियाें के विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए औद्योगिक नीति 2019-24 में संशोधन किया गया।

गोधन न्याय योजना के तहत गोठानों में बचे गोबर से आर्गेनिक मेन्योर बनाने का भी प्रस्ताव पारित हुआ। इस सामान्य गोबर खाद का विक्रय 6 रुपए प्रति किलो की दर से बेचा जाएगा। लाभांश राशि में से 90 पैसा प्रति किलोग्राम संबंधित स्व -सहायता समूह को दिए जाने का निर्णय लिया गया।

राज्य प्रशासनिक सेवा के संवर्ग प्रबंधन हेतु डिप्टी कलेक्टर से संयुक्त कलेक्टर के पद पर क्रमोन्नति में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने हेतु 10 प्रतिशत के सीमा बंधन को 31 मई 2022 तक के लिए शिथिल किए जाने का अनुमोदन किया गया।

बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन चलाने पर जुर्माना लगाने का अधिकार विभिन्न स्तर के अधिकारियों को दे दिया गया।

छत्तीसगढ़ मोटर कराधान अधिनियम व नियम 1991 एवं छत्तीसगढ़ मोटर यान नियम 1994 के अंतर्गत निष्प्रयोग में रखे जाने वाले वाहन एवं अनुज्ञा पत्र की अवधि को 31 जुलाई 2021 तक छूट प्रदान कर दिया गया।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली में चने की आपूर्ति के लिए 5680 रुपए प्रति क्विंटल की दर से चना खरीदने का निर्णय हुआ।

राजनांदगांव में सोलर पार्क बनाने के लिए ऊर्जा विभाग को आवंटित 423 हेक्टेयर जमीन में से 188.760 हेक्टेयर भूमि को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीयूशन कम्पनी लिमिटेड को लीज पर देने का फैसला हुआ।

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