छत्तीसगढ़ हर्बल्स अब अमेजन पर

छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों के बनाए हर्बल उत्पाद अब ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म अमेजन पर भी उपलब्ध हो गए हैं। छत्तीसगढ़ हर्बल्स नाम से ये उत्पाद अमेजन पर लिस्ट हुए हैं। इसमें वन शहद, ऑर्गेनिक बस्तर काजू, चिरौंजी और महुआ के लड्‌डू शामिल हैं। आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आधा लीटर वन शहद का ऑर्डर देकर ऑनलाइन सेवा के पहले ग्राहक बन गए।

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रायपुर| छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों के बनाए हर्बल उत्पाद अब ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म अमेजन पर भी उपलब्ध हो गए हैं। छत्तीसगढ़ हर्बल्स नाम से ये उत्पाद अमेजन पर लिस्ट हुए हैं। इसमें वन शहद, ऑर्गेनिक बस्तर काजू, चिरौंजी और महुआ के लड्‌डू शामिल हैं। आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आधा लीटर वन शहद का ऑर्डर देकर ऑनलाइन सेवा के पहले ग्राहक बन गए।

छत्तीसगढ़ के हर्बल उत्पाद अब ’छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के ब्रांड नेम से ऑनलाइन प्लेटफार्म अमेजन एप पर उपलब्ध हो गए हैं। इससे छत्तीसगढ़ के वनवासी क्षेत्रों की आदिवासी महिलाओं के समूहों द्वारा लघुवनोपजों से तैयार किए जा रहे अनेक उपभोक्ता उत्पादों को अब देश-विदेश में अच्छा बाजार मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पादों के अमेजन एप पर प्रथम ग्राहक बने। उन्होंने इस एप पर महिला स्व सहायता समूहों द्वारा तैयार ‘वन शहद‘ के लिए ऑर्डर किया। वन शहद, आर्गेनिक बस्तर काजू, चिरौंजी, महुआ लड्डू जैसे अनेक उत्पाद अब अमेजन पर उपलब्ध हो गए हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अमेजन में उपलब्ध होने से इन उत्पादों को देश भर मंे एक बड़ा मार्केट और पहचान दिलाने मे मदद मिलेगी।

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वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव वन श्री मनोज कुमार पिंगुआ, छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री संजय शुक्ला भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज संघ ने हाल ही मे अमेजन से उनके सहेली प्रोग्राम के अंतर्गत महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए करार किया है। सहेली प्रोग्राम अमेजन का एक सराहनीय प्रयास है, जिसके अंतर्गत एक टीम, महिला उद्यमियों के द्वारा बनाए उत्पादों को विशेष सहायता एवं उनकी बिक्री बढ़ाने के लिए ट्रेनिंग प्रदान करती है। लघुवनोपज संघ के इन प्रयासों द्वारा महिला उद्यमियों के उत्पादों को एक बड़ा मार्केट प्राप्त होगा तथा उनके जीविकोपार्जन प्रयासों को दीर्घकालिक स्थायित्व प्राप्त होगा।।
उल्लेखनीय है कि लगभग 13 लाख 50 हजार वनवासी परिवारों के उत्थान के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज संघ द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वनवासी जनजातियों द्वारा एकत्रित लघुवनोपजों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद कर, उन्हें महिला स्वसहायता समूहों द्वारा संचालित, वन धन विकास केंद्रों में अनेकों उपभोक्ता उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है। छत्तीसगढ़ के वनों के इन अमूल्य लघु वनोपजों से बने उत्पादों को छत्तीसगढ़ हर्बल्स के ब्रांड से मार्केट मे उपलब्ध कराया जा रहा है।  

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