पिथौरा में प्रदेशभर से पहुंचे मसीही समाज का बड़ा प्रदर्शन

महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखण्ड मुख्यालय में शनिवार को मसीही समाज ने बड़ा प्रदर्शन किया. प्रदेशभर से सैकड़ों समाजजन पहुंचे. टप्पा चौक से रेस्ट हाउस तक रैली निकाल प्रशासन के अफसरों को ज्ञापन देने पहुंचे. जब तक बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची वे लगातार नारेबाजी कर न्याय की मांग करते रहे.

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पिथौरा| महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखण्ड मुख्यालय में शनिवार को मसीही समाज ने बड़ा प्रदर्शन किया. प्रदेशभर से सैकड़ों समाजजन पहुंचे. टप्पा चौक से रेस्ट हाउस तक रैली निकाल प्रशासन के अफसरों को ज्ञापन देने पहुंचे. जब तक बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची वे लगातार नारेबाजी कर न्याय की मांग करते रहे.

एसडीएम, तहसीलदार सीएसपी समेत पुलिस र्फोस वहां बड़ी संख्या में तैनात रही. छत्तीसगढ़ डायोसिस के सचिव नितिन लॉरेन्स और कोषाध्यक्ष जयदीप राबिन्सन ने इसका नेतृत्व किया. उन्होंने अफसरों से लंबी चर्चा की. उन्हें प्रमाण प्रस्तुत कर बताया कि चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया को लीज पर मिली मिशन की जमीन पर अवैध कब्जे कर लिए गये हैं, इन कब्जों के विरोध में छत्तीसगढ़ का मसीही समाज नाराजगी जताने यहां पहुंचा.

मिशन की जमीन के संबंध में लंबे समय से प्रशासन से लिखा पढ़ी कर कार्यवाही करने की मांग की जा रही है, लेकिन इस संबंध में समुचित कार्यवाही नहीं की गयी.  इसके अलावा कब्जाधारियों ने प्रशासन की जानकारी के दौरान ही अवैध पक्के निर्माण  कर लिए. पुलिस की मौजूदगी में कुछ लोग मिशन परिसर में घुसकर पादरी व समाज के पदाधिकारियों को धमकाते हैं. इसके बाद भी उन पर र्कारवाई नहीं की जा रही है.

प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण  पर स्थगन आदेश देने की केवल खानापूर्ति की गयी. स्थगन की अवहेलना के बावजूद किसी भी कब्जाधारी पर कानूनी कार्यवाही नहीं की गयी. मसीही समाज में इसी बात का रोष है. मसीही समाज चाहता है कि अवैध कब्जाधारियों से जमीन को मुक्त कराकर वहां सभी के लिए धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियां नागरिकों के लिए पुनः प्रारंभ की जाए.

अवैध निर्माण तोड़ा जाएगा

अधिकारियों से सामाजिक पदाधिकारियों के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की बातचीत हुई. दोनों पक्षों ने अपने तर्क रखे. सरकारी दस्तावेज व फाइलें भी मंगवाकर जमीनी रिकार्ड की छानबीन की गई. अंततः यह फैसला हुआ कि मिशन कंपाउंड की जमीन को लेकर कब्जेधारियों को नोटिस जारी की जा रही है. विवादित निर्माण ढहाया जाएगा. दोषियों पर कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी. डायसिस की ओर से कुछ लोगों के खिलाफ पुलिस मामला भी दर्ज कराया गया.

अपनी धरोहर को कब्जामुक्त एवं संरक्षित करने हेतु छत्तीसगढ़ मसीही जनों में प्रमुख रूप पादरीगण, धर्मसेवक, धर्मबहिने, डायोसिस के पदाधिकारी, प्रापर्टी कमेटी के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, पास्ट्रेट कोर्ट के  अध्यक्ष, सचिव,सदस्यगण, महिला संगठन, युवा संगठन, सण्डे स्कूल संगठन सहित पिथौरा, बागबहरा, महासमुन्द, झलप, रायपुर, कवर्धा, भिलाई, दल्लीराजहरा, तिल्दा, सिमगा, भाटापारा, बलौदाबाजार, बिश्रामपुर, मुंगेली, फास्टरपुर, तखतपुर, बिलासपुर, करगी रोड कोटा, पेन्ड्रा, कोरबा, रायगढ़, खरसिंया, सक्ती, अंबिकापुर, धर्मजयगढ, पामगढ़ आदि से मसीही जन जुटें. नितिन लॉरेन्स ट्रस्टी,एवं ज्वाइ्रंट पावर ऑफ एटार्नी होल्डर यू सी एन आई टी ए मुम्बई एवं सचिव डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ आदि भी पहुंचे.

deshdigital के लिए रजिंदर  खनूजा

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