बगैर सूचना शाला का नाम पोर्टल में बदला, कौड़िया आंदोलन के मूड में

बगैर सूचना पोर्टल में शासकीय रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक शाला पिथौरा का का नाम बदल दिए जाने से अब शाला विकास समिति सहित कौड़िया क्षेत्र वासी अब आंदोलन के मूड में आ गए है।

0 215

पिथौरा|बगैर सूचना पोर्टल में शासकीय रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक शाला पिथौरा का का नाम बदल दिए जाने से अब शाला विकास समिति सहित कौड़िया क्षेत्र वासी अब आंदोलन के मूड में आ गए है।

शासकीय रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक शाला पिथौरा का नाम विलोपित करने के मामले में अब शाला विकास समिति सहित कौड़िया क्षेत्र वासी अब आंदोलन के मूड में आ गए है। इसकी शुरुआत शाला विकास समिति द्वारा एक बैठक लेकर हिंदी माध्यम के छात्रों को आर के स्कूल के नाम से ही प्रवेश देने का प्रस्ताव पास कर स्थानांतरित शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं करने का प्रस्ताव भी पास कर इस पर अमल प्रारम्भ कर दिया है।

विगत 26.11.2021 को विद्यालय के शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की बैठक शाला विकास एवं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरमिंदर सिंह उजाला की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में किये गए प्रस्ताव के अनुसार शासकीय रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिथौरा, जिला महासमुन्द (छ.ग.) को अशासकीय शासकीय अवधिसत्र 1958-59 से सत्र 2020-21 तक शासन प्रशासन द्वारा संचालित किया गया।

  •  शाला विकास समिति ने किया विरोध
  •   प्राचार्य ने लिखित आदेश नहीं देने की पुष्टि की

ठीक उसी तरह से शासन प्रशासन द्वारा वर्तमान सत्र 2021-22 से निरंतर भविष्य के आगामी सत्रों को भी शासकीय रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिथौरा, जिला महासमुन्द (छ.ग) नाम पर संचालित किया जावे। शासकीय रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिथौरा के समस्त छात्र स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ अंग्रेजी माध्यम स्कूल पिथौरा में हिन्दी माध्यम के छात्र के रूप में दर्ज है। उन्हें उनके पूर्ववर्ती स्कूल शासकीय रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिथौरा में शासन / प्रशासन द्वारा दर्ज किया जावे।

शासकीय रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिथौरा के कक्षा 9वीं से कक्षा 12वीं तक के छात्र छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर (छ.ग.) में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ अंग्रेजी माध्यम स्कूल पिथौरा के छात्र के रूप में पंजीकृत हैं। उन्हें शासकीय रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिथौरा के छात्र के रूप में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर (छ.ग.) द्वारा पंजीकृत किया जावे।

शासकीय रणजीत कृषिउच्चतर माध्यमिक विद्याल पिथौरा से शासन द्वारा मंगाए गये स्थानांतरण प्रस्ताव को निरस्त किया जाए और किसी भी कर्मचारीको स्थानांतरण, प्रतिनियुक्ति व्यवस्था आदि पर अन्य संस्था में न भेजा जावे।

इसे भी पढ़ें : रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक शाला पिथौरा का नाम बदलने से आदिवासी समाज नाराज

- Advertisement -

शासकीय रणजीतकृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिथौरा, जिला- महासमुन्द (छ.ग.) के नाम पर पर्याप्त भूमि हैं। जिसमें स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ अंग्रेजी माध्यम स्कूल पिथौरा हेतु भवन बनाया जाने। भूमिपर स्वामित्व शासकीय रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिथौरा का रहेगा।

प्राचार्यशाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अनुमति पर ही स्वामी आत्मानंद . उत्कृष्ठ अंग्रेजी माध्यम स्कूल पिथौरा के प्रबंधन समिति व प्राचार्य द्वारा नवीन निर्माण किया जा सकेगा।

शासकीय रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिथौरा के भूमि पर स्वामी आत्मानंद स्कूल के भवन हेतु भूमि चिन्हांकित कर शीघ्र शाला भवन का आधारशिला  रखकर भवन निर्माण किया जावे। स्वामी आत्मानन्द स्कूल का शाला भवन तैयार होते तक शासकीय रणजीत कृषि के शाला भवन में मार्निंग शिफ्ट में आत्मानंद स्कूल और डे शिफ्ट में शासकीय रणजीत कृषि स्कूल का अध्ययन अध्यापन कार्य संचालित किया जावे।

समिति की बैठक में दोलामनी डडसेना, विधायक प्रतिनिधि,देवसिंह निषाद, पार्षद सदस्य अवतार सिंह सलूजा, आकाश अग्रवाल, हरजीत सिंह चमको, लालाराम पटेल, पालक राजू सिन्हा, पार्षद श्रीमती रेखा सिन्हा, पालक मनराखन ठाकुर तुलसीराम दीवान, ननक ठाकुर, श्याम कुमार नेताम एवम भूषण सिंह सूर्यवंशी उपस्थित थे।

 रणजीत नाम विलोपित नहीं  होने देंगे

शाला विकास समिति के अध्यक्ष एवम वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरमिंदर सिंह उजाला ने बताया कि किसी भी हालत में रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक शाला का नाम विलोपित नही होने देंगे।समिति ने इसके लिए प्रस्ताव पास कर शासन को भेज दिया है। क्षेत्र की जनता की भावनाएं इस सबसे पुराने स्कूल के नाम से जुड़ी है लिहाजा पहले चरण में समिति का प्रस्ताव शासन को भेज कर आम जन भावनाओ का संदेश प्रदेश सरकार को भेजा गया है।यदि शासन उनकी मांग नही मानती तो क्षेत्रवासियों एवम आदिवासी समुदाय के साथ शाला विकास समिति भी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

 सभी आदेश मौखिक—प्राचार्य

शासकीय तौर पर एक ऐतिहासिक नाम को बदलने का फैसला चोरी छिपे ही लिया जा रहा है। बताया जाता है कि रातोरात बगैर किसी स्थानीय स्तर पर लिखित जानकारी के ही पोर्टल में रणजीत कृषि से स्वामी आत्मानन्द कर दिया गया इसके अलावा हिंदी माध्यम के शिक्षकों को हटाने के मामले में भी मौखिक आदेश से ही प्रस्ताव मंगवा लिए गए।

उक्त सभी मामलों पर स्थानीय शासकीय रणजीत कृषि उच्च मध्य शाला के प्राचार्य जे के महापात्र ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि स्वामी आत्मानंद स्कूल के सम्बंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं  है। पोर्टल में रणजीत कृषि का नाम हटा दिया गया है, डाइस कोड डालने से यहां के डायस कोड में स्वामी आत्मानन्द स्कूल का नाम ही दिख रहा है। इसके अलावा स्कूल के लिए सभी आदेश अब मौखिक दिए जा रहे हैं । पूर्व की तरह अब कोई आदेश लिखित में नहीं मिला  है। श्री महापात्र ने इस सम्बंध में अपने अफसरों के किसी भी आदेश का पालन करना बताया है।

deshdigital के लिए रजिंदर खनूजा की रिपोर्ट

Leave A Reply

Your email address will not be published.