महासमुंद: कोडार बांध के पास एक और हाथी की शिकारी करंट से मौत, देखें वीडियो

छत्तीसगढ़ के  महासमुंद वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत कोडार बांध के पास बीती रात एक नर हाथी की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गयी. क्षेत्र में शिकारियों के जाल में फंसने से लगातार चौथे हाथी की मौत हुई है.

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महासमुंद| छत्तीसगढ़ के  महासमुंद वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत कोडार बांध के पास बीती रात एक नर हाथी की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गयी. क्षेत्र में शिकारियों के जाल में फंसने से लगातार चौथे हाथी की मौत हुई है.

ज्ञात हो कि शेड्यूल वन श्रेणी का प्राणी होने के बाद भी वन विभाग हाथियों को करंट से शिकार करने वाले शिकारियों से बचाने नाकाम रहा है. यहां यह बता देना लाजिमी है कि जिला मुख्यालय होने के बावजूद वन विभाग को महासमुन्द परिक्षेत्र संभालने के लिए एक रेंजर नसीब नही है लिहाजा विगत वर्ष भर से यहां एक डिप्टी रेंजर को रेंजर के प्रभार में रखा गया है.

मिली जानकारी के अनुसार ME-5 के नाम से जाना जाने वाला एक विशालकाय हाथी वन अफसरों की अफसरशाही के चलते शिकारियों के जाल में फंस कर मारा गया. मृतक नर हाथी की उम्र 25 वर्ष बताई जा रही है.

बताया जाता है कि विगत 6 जनवरी की सुबह दो विशाल हाथी गरियाबंद से होते हुवे महासमुंद वनपरिक्षेत्र मे प्रवेश किये थे.  दोनो दंतैल हाथी मे एक ME-1 व दूसरा ME-5 नाम का था ,जो विचरण करते हुवे सिरपुर की ओर जा रहै थे.

इस बीच सूचना के अनुसार रात्रि कोई 9 बजे के आसपास दोनो दंतैल हाथी कोडार जलाशय के सटे गांव के समीप वन विकास निगम के कक्ष क्रंमाक 854 से होते सिरपुर की ओर आगे बढ रहे थे. यही कोडार नहर के ऊपर से 11 KV का तार गुजरा है. जिसके तार और अज्ञात शिकारियों ने किसी वन्य प्राणी का शिकार के लिए उसी तार से हुकिंग कर जीआई तार निर्मित्त फंदा लगाया था.

जिसमे 11 के वी विद्युत प्रभावित था. रात में जैसे ही हाथी वहाँ से गुजरा वह तार के चपेट मे आ गया. हाथी तार से चिपकते ही चिंघाड़ा और तार के आपस मे जुड़ने से वहां आग लग गयी. जिसे देख कर कुछ ग्रामीण एक वन रक्षक के साथ घटना स्थल की ओर गए थे परन्तु तब तक हाथी की मौत हो गयी.

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घटना के बाद वन विभाग औपचारिकता में जुटा

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महासमुन्द वन परिक्षेत्र में लगातार शिकार एवम अवैध वन कटाई सहित अतिक्रमण की शिकायतों के बाद भी वन विभाग के अफसरो की इन्हें रोकने में कोई रुचि नही थी।लिहाजा आज वही हो गया जिसका भय था। बहरहाल घटना की सूचना के बाद अब वह विभाग मौके पर पहुंचकर डाग स्क्वायड की मदद से शिकारी तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है ।

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 आनन फानन में दफनाया गया

हाथी की करंट तार में चिपकने से हुई मौत के बाद वन अफसरों ने आनन फानन में तीन सदस्यीय टीम से मृत हाथी का पोस्टमार्टम करवा कर उसे घटनास्थल पर ही गड्डा कर कर दफना दिया गया. गौरतलब है कि महासमुंद जिले मे करंट से हाथी की ये तीसरी मौत है. वर्ष 2019 मे खिरसाली एवम किशनपुर मे भी एक एक हाथी की मौत करंट लगने से हुई थी. इसके अलावा जिले के मुहाने पर स्थित कसडोल क्षेत्र के देवपुर वन परिक्षेत्र में भी एक हाथी की मौत दो माह पूर्व हुई थी.

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रेंजरों के रहते डिप्टी रेंजरों को प्रभार

विभागीय सूत्र बताते है कि प्रदेश में पर्याप्त संख्या में रेंजर उपलब्ध है. इसके बावजूद महासमुन्द जिला मुख्यालय में विगत डेढ़ वर्षों से एक डिप्टी रेंजर को प्रभार में रखा गया है. जिससे विभागीय कार्यशैली पर प्रश्न उठना लाजिमी है.

deshdigital के लिए रजिंदर खनूजा 

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