ईडी की छापेमारी: कलकत्ता हाईकोर्ट में हंगामा, सुनवाई टली
कलकत्ता हाईकोर्ट में आज प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और तृणमूल कांग्रेस से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान भारी हंगामे के कारण न्यायाधीश शुभ्रा घोष को अदालत कक्ष छोड़कर जाना पड़ा. हंगामे के कारण बाद में दोनों मामलों की सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए टाल दी गई.
नई दिल्ली/ कोलकाता| कलकत्ता हाईकोर्ट में आज प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और तृणमूल कांग्रेस से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान भारी हंगामे के कारण न्यायाधीश शुभ्रा घोष को अदालत कक्ष छोड़कर जाना पड़ा. हंगामे के कारण बाद में दोनों मामलों की सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए टाल दी गई.
उधर ईडी की छापेमारी की कार्रवाई के विरोध में नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रहे तृणमूल कांग्रेस के आठ सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
यह सुनवाई राजनीतिक परामर्शदाता फर्म आई-पैक के साल्ट लेक स्थित कार्यालय और इसके संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर हाल ही में हुई ईडी की छापेमारी से संबंधित थी. प्रवर्तन निदेशालय ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया था कि उनकी जांच में बाधा डाली जा रही है. ईडी ने इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग करते हुए याचिका दायर की थी.
दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है. इस तलाशी अभियान से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तूफान आ गया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी रणनीतियों और उम्मीदवारों से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए ईडी के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया.
नई दिल्ली में ईडी की छापेमारी की कार्रवाई के विरोध में गृह मंत्रालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रहे तृणमूल कांग्रेस के आठ सांसदों में डेरेक ओ ब्रायन, महुआ मोइत्रा, शताब्दी रॉय, साकेत गोखले, कीर्ति आजाद, प्रतिमा मंडल, बापी हलदर और डॉ. शर्मिला सरकार शामिल हैं. प्रदर्शन के दौरान सांसद अपने हाथों में तख्खियां लिए हुए थे, जिन पर ‘अमित शाह की ईडी बनाम बंगाल की जनता’ और ‘चाहे जितने हमले करो, बंगाल फिर जीतेगा’ जैसे नारे लिखे थे.
