नेहा की इस सफलता के पीछे मां की रही है अहम भूमिका

भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य नेहा गोयल ने टोक्यो ओलंपिक में अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है। नेहा की इस सफलता के पीछे उसकी मां की भी अहम भूमिका रही है।

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नई दिल्ली । भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य नेहा गोयल ने टोक्यो ओलंपिक में अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है। नेहा की इस सफलता के पीछे उसकी मां की भी अहम भूमिका रही है।

मुश्किल हालातों के बीच नेहा की मां ने एक फैक्ट्री में काम करने घर चलाया ओर नेहा को हॉकी के लिए सुविधाएं उपलब्ध करायी। इसके बाद नेहा ने भी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

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पहली बार 2011 जूनियर विश्व कप के लिए भारत टीम में उसका चयन हुआ। तब नेहा की उम्र महज 14 साल थी। इसके बाद नेहा को अंडर -21 फोर-नेशंस लाल बहादुर शास्त्री महिला हॉकी टूर्नामेंट में जगह मिली।

नेहा ने कहा था कि जब वह छठी कक्षा में थीं, तब उनकी एक सहपाठी ने उन्हें बताया कि हॉकी खेलने से मुझे अच्छे जूते, कपड़े पहनने मिलेंगे। बस उसी के बाद उसने अच्छे कपड़े-जूतों के लिए हॉकी खेलना शुरू कर दिया।

एक दिन जब उसे ईनाम मिला तो खेल के प्रति उसकी रुचि बढ़ती गयी। नेहा पहले अपनी मां सावित्री और बहनों के साथ एक साइकिल फैक्ट्री में काम करती थीं।

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