सीएम भूपेश बघेल ने स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को लिखा पत्र

आवश्यक दवाओं की जमाखोरी और कालाबाजारी  रोकने अधिसूचित किया जाए

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नई दिल्ली | देश मे बढ़ते कोरोना मामलों के बीच दवाइयों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कोविड-19 संक्रमण के प्रबंधन के लिए आवश्यक दवाओं की अधिसूचना के सम्बंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डाक्टर हर्षवर्धन को पत्र लिखा है।

सीएम ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री   से अनुरोध किया है कि, कोविड-19 महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त औषधियों को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत आवश्यक वस्तुओं के रूप में तत्काल अधिसूचित किया जाए।

पत्र में सीएम ने लिखा  है कि, देश के बाकी प्रदेशों की तरह छत्तीसगढ़ में भी कोविड-19 की द्वितीय लहर के अंतर्गत संक्रमण के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस महामारी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 25 अप्रैल 2021 तक के 6,52,362 मामले दर्ज किए गए हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 अंतर्गत औषधियों को आवश्यक वस्तुओं में शामिल किया गया है। औषधि का अर्थ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत अधिसूचित औषधियों से है।

पत्र में लिखा गया है कि, भारत सरकार ने इससे पहले भी कोविड-19 से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मास्क एवं हैंड सेनेटाइजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत अधिसूचित (भारत सरकार अधिसूचना दिनांक 13 मार्च, 2020) किया था जिससे महामारी की पहली लहर से निपटने में अत्यंत सहायता हुई।

कोविड-19 की वजह से प्रदेश में बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर मरीजों के उपचार हेतु रेमेडिसविर इंजेक्शन(Remedisivir Injection) आइवरमेक्टिन टैबलेट्स, एनोक्सापारिन इंजेक्शन, डेक्सामेथासोन टैबलेट एवं इंजेक्शन, टोसीलीजुमब इंजेक्शन और फेविपिराविर कैप्सूल की मांग बढ़ गयी है।

इन औषधियों की बड़ी मांग के कारण इनके जमाखोरी एवं काला बाजारी की शिकायतें भी लगातार प्राप्त हो रही है जिसकी वजह से मरीजों के उपचार में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार ने उपरोक्त औषधियों की काला बाजारी को रोकने के कई निर्णायक कदम उठाए हैं।

इसमें अस्पतालों में दवाओं के वितरण एवं उपयोग पर लगातार निगरानी, विशेष टास्क फोर्स का गठन, आकस्मिक जाँच एवं काला बाजारी की खबर मिलने पर तत्काल दबिश इत्यादि शामिल हैं। उपरोक्त औषधियों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत अधिसूचित करने से प्रशासन को काला बाजारी रोकने तथा गुणवत्ता एवं आपूर्ति सुनिश्चित करने में आवश्यक सहायता प्राप्त होगी।

सीएम बघेल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से अनुरोध किया है कि, कोविड-19 महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त औषधियों को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत आवश्यक वस्तुओं के रूप में तत्काल अधिसूचित किया जाए।

बता दें कल ही पुलिस ने महासमुंद जिले के एक  Medical Officer को सरकारी  Remedisivir Injection बेचते पकड़ा है| 

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