कस्तूरबा बालिका छात्रावास पिथौरा में अधीक्षिका सहित 12 छात्राएं कोविड पॉजिटिव

कस्तूरबा बालिका छात्रावास पिथौरा में अधीक्षिका सहित कुल 12 छात्राएं कोविड पॉजिटिव पाई गई.सभी को होस्टल में ही आइसोलेट कर उनका उपचार किया जा रहा है. ज्ञात हो कि अप्रैल माह में करीब प्रतिदिन कोविड के कोई 2 से 10 प्रकरण दर्ज किए जा रहे है. पॉजिटिव हुए सभी मरीजों  की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.

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पिथौरा| कस्तूरबा बालिका छात्रावास पिथौरा में अधीक्षिका सहित कुल 12 छात्राएं कोविड पॉजिटिव पाई गई.सभी को होस्टल में ही आइसोलेट कर उनका उपचार किया जा रहा है. ज्ञात हो कि अप्रैल माह में करीब प्रतिदिन कोविड के कोई 2 से 10 प्रकरण दर्ज किए जा रहे है. पॉजिटिव हुए सभी मरीजों  की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.

नगर के समीप लाखगढ़ स्थित कस्तूरबा बालिका छात्रावास की एक अधीक्षिका को सर्दी खांसी बुखार की शिकायत के बाद जब उसका कोविड टेस्ट किया गया तो वह पॉजिटिव निकली. इसके बाद स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की खण्ड चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर कस्तूरबा छात्रावास में कैम्प लगाकर वहां के लक्षण वाले बच्चों के कोविड टेस्ट करने पर 40 में से 11 बच्चे पॉजिटिव पाए गए.अधीक्षिका को मिलाकर कुल 12 पॉजिटिव उक्त छात्रावास में मिले है.

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खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ तारा अग्रवाल ने उक्त सम्बन्ध में बताया कि सभी पॉजिटिव छात्राओं को दवाइया एवम आवश्यक निर्देश देकर छात्रावास के खाली कमरों में आइसोलेट करने के निर्देश दिए गए थे. परन्तु पता चला है कि होस्टल अधीक्षिका द्वारा प्रभावित बच्चों को उनके घर भेज दिया गया है. अब बच्चों के घर के आसपास स्थित स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशत कर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग कराई जा रही है. डॉ अग्रवाल के अनुसार प्रभावित सभी मरीज सामान्य हैं.

पिथौरा में अप्रैल माह में 29 पॉजिटिव 

पिथौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत अप्रैल माह में कोविड का आंकड़ा अचानक बढ़ गया है. लैब प्रभारी भुवन जांगड़े के बताया कि मार्च माह में मात्र 3 ही कोविड पॉजिटिव मामले मिले थे. परन्तु अप्रैल माह में 13 अप्रैल तक कुल 29 कोविड पॉजिटिव प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं.  इसमें कल कस्तूरबा छात्रावास के 12 मामले शामिल हैं.  इन पंक्तियों के लिखे जाने तक आज भी पुनः कस्तूरबा बालिका छात्रावास में कैम्प लगाकर जांच की जा रही है.

बता दें इन दिनों पिथौरा ब्लाक के गांवों में हरिकीर्तन नामयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है. इससे संक्रमण की आशंका बढ़ गई हैं. इस ब्लाक के पाटनदादर समेत आसपास के गांवों में सर्दी-खांसी बुखार की शिकायतें सामने आई हैं. पीड़ित इसे मौसमी बुखार या सामान्य सर्दी-खांसी की तरह हल्के में ले रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि इस पर ध्यान दे जिससे संक्रमण रोका जा सके.

deshdigital के लिए रजिंदर खनूजा  

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