बाघ: वन ग्रामों के पहुँच मार्गों को वन विभाग के काटे जाने से परेशान ग्रामीण कलेक्टर से मिले

समीप के बारनवापारा अभ्यारण्य के क्षेत्र में एक बाघ के कथित रूप से देखे जाने के बार बार क्षेत्र के वन ग्रामों के पहुँच मार्गों   को वन विभाग द्वारा काटे जाने से परेशान ग्रामीणों ने बारनवापारा पहुंचे;  कलेक्टर बलौदाबाजार से प्रत्यक्ष मुलाकात कर विभाग द्वारा ग्रामीणों को परेशान करने की शिकायत की.

0 734

- Advertisement -

पिथौरा| समीप के बारनवापारा अभ्यारण्य के क्षेत्र में एक बाघ के कथित रूप से देखे जाने के बार बार क्षेत्र के वन ग्रामों के पहुँच मार्गों   को वन विभाग द्वारा काटे जाने से परेशान ग्रामीणों ने बारनवापारा पहुंचे;  कलेक्टर बलौदाबाजार से प्रत्यक्ष मुलाकात कर विभाग द्वारा ग्रामीणों को परेशान करने की शिकायत की. जिस पर कलेक्टर ने ग्रामीणों को समस्या का समाधान किया.

बार क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ जय सिंघा ध्रुवा सेवा समिति एवं सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर से बार मुख्यालय में मुलाकात क़र सिंघा ध्रुर्वा सेवा समिति द्वारा आयोजित चैत्र नवरात्र पर चर्चा की.

समिति के सदस्य संतोष कुमार ठाकुर ने बताया कि बलौदा बाजार के जिला कलेक्टर के. एल. चौहान, जिला पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार, जिला वनमंडल अधिकारी मयंक अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल,सहायक वन संरक्षक आनंद कूदरिया से मुलाकात कर हुए चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल 2024 से 17अप्रैल 2024 तक आयोजित की जा रही है.

इसमें जय चांदा दाई प्राचीन गोंड गुफा शक्ति स्थल मे परम्परागत रूप से अखंड ज्योति जलाकर गोंडी रीति नीति से पूजा अर्चना की जाएगी . एवं सिंघा ध्रुर्वा सेवा समिति के संयुक्त तत्वाधान मे गोंडवाना की ऐतिहासिक धरोवर तथा धार्मिक आस्था का केंद्र, जंहा पर गोंडी रीति,नीति संस्कृति आधारित पूजा अर्चना करते आ रहे है.

शक्ति स्थल मे छत्तीसगढ़ राज्य के साथ साथ अन्य राज्य उड़ीसा महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश के श्रद्धांलु अपनी मनोकामना ज्योति व आस्था प्रकट क़र सेवा अर्जी देते है, जिसके संबध मे पारम्परिक धार्मिक आस्था को बनाये रखने हेतु जिला प्रशासन एवं वन विभाग के उच्च अधिकारियो से विशेष सहयोग करने हेतु अध्यक्ष द्वारा चर्चा की गयी.

जिला कलेक्टर के. एल. चौहान द्वारा कथित तौर पर बारनवापारा क्षेत्र मे अचानक बाघ के प्रवेश पर सुरक्षा की दृष्टिकोण से सावधानी बरतने की बात कहते हुए जिला के अधिकारियो को निर्देशित किया कि नवरात्रि के अवसर पर ऐतिहासिक मंदिर एवम गुफा में 20-20 कर श्रद्धालु जाएंगे. इनके साथ वन विभाग का सुरक्षा दस्ता भी रहेगा. कलेक्टर के निर्देश के बाद अब क्षेत्र के ग्रामीण अपनी कुलदेवी का दर्शन करने एवम ज्योति प्रज्ज्वलित करने जा सकेंगे.

इसे भी पढ़ें:

- Advertisement -

ट्रैप कैमरे में बाघ तो नहीं शिकारी कैद, 4 गिरफ्तार, वन्य जीवों के अवशेष बरामद  

ज्ञात हो कि वन विभाग द्वारा बाघ के कथित उपस्थिति के कारण जंगल के अधिकांश मार्ग जेसीबी से खोद कर बन्द कर दिए है जिससे ग्रामीण खासे परेशान एवम आक्रोशित है.

इस अवसर पर जय सिंघा ध्रुर्वा सेवा समिति के अध्यक्ष मंगतू राम जगत, छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश ध्रुव, जिला उपाध्यक्ष भानु ध्रुव, मनोहर मंडावी, जिला सचिव थानू ध्रुव सेवा समिति के सदस्य बसंत छेदइहा, आनंद कोर्राम,केशव कुंजाम, लाभो नेताम, डोमेश्वर मरकाम,रूप सिंग साहू , महेंद्र जगत, सोमप्रकाश सिन्हा , रामचंद नेताम संतोष ठाकुर, शिव दयाल, भूषण कोर्राम प्रमुख रूप से उपस्थित थे.

 आखिर बाघ को किससे खतरा–संतोष

वन ग्राम के संतोष कुमार ने वन विभाग से सवाल पूछा है कि आखिर जंगल मे यदि सच में बाघ है भी तो उसे आखिर किससे खतरा है.वह ग्रामो में अधिकांश आदिवासी समुदाय के लोग ही रहते है. जो पेड़ पौधों एवम वन्य प्राणियों को भगवान मानते है और उसकी रक्षा भी करते है. फिर आखिर विभाग बाघ को लेकर इतना परेशान क्यों है. यदि सच मे बाघ आया है तो ये बार अभ्यारण्य के लिए खुशी की बात है. इसके लिए वन विभाग को उसके पीछे पड़कर आम ग्रामीणों को परेशान करने की बजाय उस पर नजर रखनी चाहिए.

deshdigital के लिए रजिंदर खनूजा

Leave A Reply

Your email address will not be published.