हेड कांस्टेबल रतनलाल के नाम से दिल्ली पुलिस ने शुरू किया अवार्ड

फरवरी-2020 में हुए दंगे के बाद उत्तर-पूर्वी जिले में फैले द्वेष को खत्म करने के लिए जिला पुलिस ने आगे कदम बढ़ाते हुए उम्मीद नाम से एक कार्यक्रम की शुरुआत की है।

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नई दिल्ली । फरवरी-2020 में हुए दंगे के बाद उत्तर-पूर्वी जिले में फैले द्वेष को खत्म करने के लिए जिला पुलिस ने आगे कदम बढ़ाते हुए उम्मीद नाम से एक कार्यक्रम की शुरुआत की है।

दंगे में जान गंवाने वाले हेड कांस्टेबल रतनलाल के नाम से पुलिस ने अवार्ड देने का सिलसिला भी शुरू किया है। बुधवार को पुलिस ने श्याम लाल कालेज में एक कार्यक्रम आयोजित किया।

दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना पदभार संभालने के बाद पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे, वह भी दंगा प्रभावित क्षेत्र में।

आयुक्त ने उम्मीद नाम के कार्यक्रम की शुरुआत की। जिला पुलिस ने नागरिक भाईचारा समिति कमेटी बनाई है, जो जिले में सद्भावना बढ़ाने के लिए काम करेगी।

उत्तर पूर्वी जिला में कई दिनों तक दंगा चला था, जिसमें 53 लोगों की जान गई थी। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। पुलिस ने जो भाईचारा समिति बनाई है, उसकी प्रशंसा कई बालीवुड स्टार्स और खिलाड़ियों ने भी की है।

इस कार्यक्रम में दंगे में जान गंवाने वाले हेड कांस्टेबल रतनलाल की पत्नी और बच्चे मुख्य रूप से शामिल हुए। पुलिसकर्मियों ने नम आंखों से रतनलाल को याद किया।

कुछ दिनों पहले पुलिस ने दंगा प्रभावित इलाकों के स्कूलों में सद्भावना विषय पर चित्रकला और लेखन प्रतियोगिता आयोजित की थी, इसमें प्रथम तीन स्थान पाने विद्यार्थियों को रतनलाल अवार्ड से नवाजा गया।

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गत सप्ताह खजूरी थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दाैरान दो बदमाशों को ढेर करने वाली पुलिस टीम और हीरो आफ द वीक चुने गए पुलिसकर्मियों को भी आयुक्त ने सम्मानित किया।

कोरोना की वजह से कई लोगों की जानें गई थी, कई परिवारों ने अपनाें का अंतिम संस्कार तक नहीं किया। आगे बढ़कर पुलिस ने संस्कार किए थे। आयुक्त ने एक एंबुलेंस जिला पुलिस को दी, जिससे पुलिस आत्मनिर्भर बने।

जिले के पुलिसकर्मियों के उन बच्चों को भी अवार्ड दिए गए, जो 10वीं और 12वीं में अच्छे नंबर लेकर आएं हैं। पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने कहा कि जिस वक्त दंगे हुए वह दिल्ली पुलिस में नहीं थे, दिल्ली जैसे राज्य में दंगे का सुनकर उन्हें बहुत दुख हुआ था।

उन्होंने कहा कि कोई समाज खराब नहीं होता है, लेकिन हर जगह कुछ असामाजिक तत्व होते हैं जो माहौल को खराब करते हैं। समाज में होने वाले झगड़े देश के लिए ठीक नहीं है।

सभी समाज के लोग ऐसे लोगों को पहचाने और उन्हें कानून के सामने लाकर सजा दिलवाए। उन्होंने कहा भाईचारा समिति समाज को एकसूत्र में बांधेगा। दिल्ली को ऐसा पर्यटन स्थल बनाएं, पर्यटक यहां आने पर अच्छा महसूस करें।

पुलिस आम लोगों के साथ मिलकर सद्भावना पर काम कर रही है, एक दूसरे का विश्वास तभी जीता जा सकता है जब मिलकर काम किया जाए। कहीं भी कुछ भी होता है तो पुलिस की प्राथमिक जवाबदेही होती है कि इलाके में शांति बनाए रखने की।

पुलिस का मुखिया होने के नाते उन्होंने आम लोगों को विश्वास दिलाया कि इस तरह के सामाजिक कार्यक्रमों से देश की एकता अखंडता बढ़ती है, ऐसे कार्यक्रमों में पुलिस जनता का हमेशा साथ देगी।

पुलिस उपायुक्त संजय सेन ने कहा कि द्वेष की भावना व क्रूरता को सबकाे मिलकर हराना है और भाईचारा समिति को इसमें अहम किरदार निभाना है। इस मौके पर संयुक्त पुलिस आयुक्त सागर हुड्डा, जिला पुलिस उपायुक्त आर सत्यसुंदरम, एसीपी ए वेंकटेश, हरीश कुकरेती व अन्य मौजूद रहे।

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