मप्र में बाढ़ से पौने दो हजार करोड़ रुपये का नुकसान

प्रदेश में बाढ़ से प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक पौने दो हजार करोड़ रुपये नुकसान हुआ है। प्रदेश के कई ‎जिलों में पुल सड़क व सरकारी भवनों को भारी क्ष‎ति पहुंची है।

0 46

- Advertisement -

भोपाल । प्रदेश में बाढ़ से प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक पौने दो हजार करोड़ रुपये नुकसान हुआ है। प्रदेश के कई ‎जिलों में पुल सड़क व सरकारी भवनों को भारी क्ष‎ति पहुंची है।

प्रदेश के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। प्रदेश भर में पुल, सड़क, सरकारी भवन के साथ बिजली वितरण व्यवस्था और सिंचाई परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है।

एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। 58 हजार निजी आवास क्षतिग्रस्त हुए हैं। गोदामों में रखा 51 करोड़ रुपये से ज्यादा का अनाज और उचित मूल्य की राशन दुकानों में रखा ढाई करोड़ रुपये से अधिक का राशन खराब हुआ है।

यह जानकारी बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने ग्वालियर पहुंचे केंद्रीय अध्ययन दल को भोपाल से वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई बैठक में राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ने दी।

दल के सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज भोपाल में बैठक करेंगे। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस की अध्यक्षता में सभी वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में प्रदेश सरकार की ओर से बाढ़ से हुए नुकसान का प्रारंभिक अनुमान प्रस्तुत किया।

राजस्व विभाग के प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि एक हजार 131 गांवों के एक लाख 13 हजार 929 बिजली उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। आठ हजार 318 बिजली के खंभे गिरने और 66 सब स्टेशन तहस-नहस हो गए।

- Advertisement -

इसकी वजह से कई दिनों तक गांवों में बिजली नहीं रही। ऊर्जा विभाग के अमले ने दिन–रात एक करके बिजली आपूर्ति बहाल कर ली है। 58 हजार निजी आवास पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

सरकारी संपत्ति को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।दो हजार 444 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। तीन हजार 590 पशुहानि हुई है। एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र की खरीफ फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।

इसके और बढ़ने की संभावना है। बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि राज्य आपदा राहत कोष में ऐ हजार 941 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। इसमें से 565 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं।

बाढ़ प्रभावितों के लिए 161 राहत शिविर लगाए गए थे, जिसमें 21 हजार 555 लोगों को रखा गया। दल दो दिन में श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना आदि जिलों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया जाएगा।

गुना, अशोकनगर और विदिशा का दौरा बाद में होगा। इसके बाद राज्य सरकार आर्थिक सहायता के लिए विस्तृत प्रतिवेदन केंद्र को भेजेगी। उधर केंद्रीय अध्ययन दल गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुनील कुमार बर्नवाल के नेतृत्व में ग्वालियर पहुंचा।

दल को दो हिस्से में बांटा गया। एक दल ने ग्वालियर के डबरा-चांदपुर, दतिया जिले के कोटरा, सुनाती, अंडोरा, खरोनाघाट का दौरा किया तो दूसरे दल ने सबलगढ़ के श्यामपुर, ओछापुरा, ढोढर, मानपुर एवं श्योपुर का निरीक्षण किया।

मंगलवार को एक दल ग्वालियर से भितरवार, सिला, पलाधा, ख्यावदा, पनघटा, शिवपुरी के रायपुर, हरई, बरखेड़ी, कूपरेटा का निरीक्षण कर वापिस ग्वालियर लौटेगा। वहीं, दूसरा दल श्योपुर के प्रेमसर, उतनवाड़ा, अलापुरा, मूंडला, आवदा एवं श्योपुर का निरीक्षण करेगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.