प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन
देश के प्रख्यात हिंदी साहित्यकार, कवि और उपन्यासकार तथा भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल का आज 23 दिसंबर को 89 वर्ष की उम्र में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में निधन हो गया.
रायपुर. देश के प्रख्यात हिंदी साहित्यकार, कवि और उपन्यासकार तथा भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल का आज 23 दिसंबर को 89 वर्ष की उम्र में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में निधन हो गया. वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और रायपुर एम्स में उनका इलाज चल रहा था.
एम्स प्रबंधन ने 4 बजकर 58 मिनट पर उनके निधन की पुष्टि की. विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य के उन विरल रचनाकारों में थे, जिनकी भाषा अत्यंत सरल होते हुए भी गहरी संवेदना, मानवीय करुणा और दार्शनिक गहराई से भरपूर थी. नौकर की कमीज, दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसी रचनाओं के माध्यम से उन्होंने आम आदमी के जीवन, अकेलेपन और संघर्ष को असाधारण ढंग से शब्द दिए.

हिंदी साहित्य में उनके अद्वितीय योगदान, मौलिक दृष्टि और प्रयोगधर्मी लेखन के लिए उन्हें वर्ष 2024 में 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया. वे ज्ञानपीठ पाने वाले हिंदी के 12वें साहित्यकार और छत्तीसगढ़ के पहले लेखक थे, जिन्हें यह सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान मिला. उनका जाना सिर्फ साहित्य जगत ही नहीं, बल्कि पूरी सांस्कृतिक दुनिया के लिए एक युग का अंत है.
