हवाई हमलों का दावा करने वाले नक्सलियों के समर्थन में प्रदर्शन

मंगलवार को सुकमा में स्थानीय और बीजापुर जिले के सैकड़ों आदिवासी जुटे

0 2

जगदलपुर| बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में पुलिस पर हवाई हमलों का दावा कर आरोप लगाने वाले नक्सलियों के समर्थन में कल आदिवासियों ने प्रदर्शन किया| सुकमा में सैकड़ों आदिवासी जुटे और हमला बंद करने की मांग की | उनका कहना था कि इससे उनकी ही जान खतरे में नहीं बल्कि वन्य जीवों की भी जान को खतरा है| उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाजी की|

बीजापुर में हवाई हमलों का दावा करने वाले नक्सलियों को समर्थन देते  मंगलवार को सुकमा में स्थानीय और बीजापुर जिले के सैकड़ों आदिवासी जुटे और आदिवासियों ने इस तरह के हमले बंद करने की मांग की। हाथों में पोस्टर लिए ग्रामीणों ने खुद को ड्रोन हमला पीड़ित भी बताया।

बताया गया की किस्टाराम के बुर्कलंका गांव में विरोध के लिए ग्रामीण एक दिन पहले से ही एकत्र होना शुरू हो गए थे। उनका यह सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। हाथ में नारे लिखे पोस्टर लेकर हजारों की संख्या में पहुंचे आदिवासी केंद्र और राज्य सरकार के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाजी की।

आदिवासियों ने  सरकार पर हवाई हमलों  का आरोप लगाया। साथ ही इस तरह के हमले बंद करने की मांग की। पोस्टर में आदिवासियों ने  हमले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को जिम्मेदार बताया। कहा कि वे मछली पकड़ने तालाबों में जाते हैं, महुआ संग्रहण करने जंगलों में जाते हैं। एयर स्ट्राइक जैसी स्थिति से उनकी जान को भी खतरा है।

आदिवासियों ने कहा कि ड्रोन हमले से जल, जंगल, जमीन के साथ-साथ जंगल में रहने वाले अन्य जीवों और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी खतरा है। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे भी पहुंचे थे।

बता दें माओवादी नेता  दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के प्रवक्ता विकल्प ने प्रेस नोट जारी कर  हवाई हमले (एयर स्ट्राइक) का दावा किया है। उसने कहा था कि 19 अप्रैल को हेलिकॉप्टर और ड्रोन से बम गिराए गए।

हेलिकाप्टर देख नक्सलियों ने अपना ठिकाना बदल लिया और इस वजह से उनको नुकसान नहीं हुआ है। नक्सलियों के मुताबिक, यह हमला बीजापुर जिले के पामेड़ क्षेत्र के बोत्तालंका और पाला गुडेम गांव में किया गया।

बाद में नक्सलियों ने मीडिया को वह स्थल भी दिखाया जहाँ हमला हुआ|

Leave A Reply

Your email address will not be published.