कोयला घोटालाः आज दिल्ली में ईडी के सामने पेश होंगे तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी

बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा समन भेजे जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी आज दिल्ली में जांच अधिकारियों के सामने पेश होंगे

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कोलकाता| बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा समन भेजे जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी आज दिल्ली में जांच अधिकारियों के सामने पेश होंगे। अभिषेक इसके लिए रविवार शाम में ही दिल्ली पहुंच गए। अभिषेक आज ईडी कार्यालय में जाएंगे और अधिकारियों के सवालों का जवाब देंगे।

वहीं, कथित कोयला घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश होने के लिए नई दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए अभिषेक ने भाजपा पर राज्य विधानसभा चुनाव हारने के बाद राजनीतिक प्रतिशोध में शामिल होने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा- जैसा कि मैंने नवंबर में जनसभाओं में जो कहा था, मैं दोहराता हूं कि अगर कोई केंद्रीय एजेंसी 10 पैसे के भी किसी अवैध लेन-देन या भ्रष्टाचार में मेरी संलिप्तता साबित कर दे, तो सीबीआइ या ईडी जांच की कोई आवश्यकता नहीं होगी, मैं मंच पर खुद को सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका लूंगा।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में अभिषेक के साथ उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी को भी ईडी ने तलब किया था। रुजिरा को एक सितंबर को ही पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन कोविड-19 महामारी का हवाला देते हुए वह दिल्ली में ईडी कार्यालय में हाजिर नहीं हुई थी।

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इससे पहले रुजिरा ने ईडी को पत्र लिखकर आवेदन किया था कि उनके दो छोटे बच्चे हैं। कोरोना महामारी की वजह से उनके लिए दिल्ली कार्यालय में हाजिर होना सुरक्षित नहीं है। ईडी अधिकारी कोलकाता में उनके घर पर ही उनसे पूछताछ कर सकते हैं। वह पूरा सहयोग करेंगी। इधर, टीएमसी सूत्रों का कहना है कि राजनीतिक बदले की भावना से उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन अभिषेक कानून का पालन करेंगे।

बताते चलें कि ईडी ने इसी मामले में बंगाल के कानून मंत्री मलय घटक को भी 14 सितंबर को तलब किया है। इसके साथ ही ईडी ने बंगाल पुलिस के दो वरिष्ठ आइपीएस अफसरों श्याम सिंह और ज्ञानवंत सिंह को भी इसी मामले में क्रमश: आठ व नौ सितंबर को तलब किया है।

सीबीआइ द्वारा नवंबर, 2020 में दर्ज एक प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद ईडी ने भी कथित कोयला घोटाले में धनशोधन निवारण कानून (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीबीआइ की प्राथमिकी में आसनसोल और उसके आसपास कुनुस्तोरिया और कजोरा इलाकों में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) की खदानों से करोड़ों रुपये की कोयला चोरी घोटाले का आरोप लगाया गया है।

इस मामले में अनूप मांजी उर्फ लाला मुख्य संदिग्ध है।अभिषेक और उनकी पत्नी रुजिरा पर आरोप है कि दोनों ने अपनी कंपनियों के खाते में ऐसे लोगों से पैसे ट्रांसफर कराए हैं, जिनका संबध कोयला घोटाले से हैं। हालांकि अभिषेक इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।

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