सांसद चुन्नीलाल ने सदन मे रखा फसल बीमा से वंचित किसानो का मुद्दा

क्षेत्रीय सांसद चुन्नीलाल साहू द्वारा मानसुन सत्र के पहले दिन ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से वंचीत क्षेत्र के किसानो का विषय नियम 377 के अधीन सूचना के माध्यम से पटल में रखा।

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पिथौरा। क्षेत्रीय सांसद चुन्नीलाल साहू द्वारा मानसुन सत्र के पहले दिन ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से वंचीत क्षेत्र के किसानो का विषय नियम 377 के अधीन सूचना के माध्यम से पटल में रखा। सांसद चुन्नीलाल साहू ने सभापति के माध्यम से सदन का ध्यान आर्कषित करते हुये कहा कि देश कि कृषि ज्यादातर मौसम पर निर्भर करती है । अनेकों बार किसानों की फसल अल्प वर्षा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण नष्ट हो जाती है। जिसके कारण किसान कृषि कार्य करने में असहाय हो जाते है।

ऐसी स्थिती से निपटने के लिए हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वर्ष 2016 में लागू कर किसानों को राहत देने का कार्य किया गया है, लेकिन इसमें भी राज्य सरकार के द्वारा चिन्हित ग्रामों में किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा की राशि को समय पर नहीं देना कृषि कार्य को कमजोर करना है। किसाना के लिए एक अभिशाप ही है।

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सांसद साहू ने संसद में आगे कहा कि छत्तीसगढ में मेरे लोकसभा महासमुन्द क्षेत्रांतर्गत कृषकों को पिछली फसल के समय जिन ग्रामों में अल्प वर्षा के कारण फसल नहीं हुई है। अब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि नहीं मिलने के कारण किसान काफी आक्रोशित है, जिन्हे वर्तमान में कृषि के लिए बीज, खाद, कीटनाशक दवाईयां खरीदने की अति आवश्यकता है। वर्तमान में आर्थिक रूप से कमजोर किसान कृषि कार्य से पिछड रहे है। छत्तीसगढ राज्य सरकार के अधिकारीयों की कथित लापरवाही के कारण किसान आज योजना से वंचित होकर खुद ठगा सा महसूस कर रहा है।

सांसद श्री साहू ने सरकार से निवेदन करते हुये कहा कि उक्त विषय को गंभीरता से लेते हुये राज्य छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलने वाली प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि अतिशीघ्र प्रदाय कराने हेतु निर्देशित करे, ताकि किसानों को अपने कृषि कार्य करने में उक्त योजना का लाभ समय पर मिल सकें।

इसके अलावा सांसद श्री साहू ने पुरक प्रश्न के तहत सदन में लोकसभा क्षेत्र सरायपाली बसना में एफ.सी.आई गोदाम बनाने की मांग करते हुये कहा कि दुरस्थ क्षेत्र से महाराष्ट्र चावल भेजने के लिए तीन बार परिवहन किया जाता है, गोदाम से सड़क परिवहन फिर रेल परिवहन पुनः गोदाम जिससे चावल की गुणवत्ता में कमी आती है और लोडिंग अनलोडिंग में अधिक खर्च होता है, इसके लिये लोकसभा क्षेत्र सरायपाली बसना में एफ.सी.आई गोदाम बनाने की मांग की और चावल परिवहन सीधे सड़क मार्ग के माध्यम से एक ही बार में कराये जाने की जानकारी मांगी।

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