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भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति

उपकार: जहां चिंतन की वाणी मौन

उपकार  ही एक ऐसा भाव है जहां चिंतन की वाणी मौन हो जाती है तथा अन्तस व मानस समवेत स्वर में स्वीकारने लगता है कि उपकार व्याख्या का नहीं अपितु अनुभूति का विषय है। उपकार: यदि व्यक्तित्व का…
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राज कपूर दुनिया के सबसे अच्छे शिक्षक थे: राहुल रवैल 

राज कपूर दुनिया के सबसे अच्छे शिक्षक थे। मैंने उनसे जो शानदार चीजें सीखी हैं, उन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता। फ़िल्ममेकिंग की उनकी शैली को विस्तृत तौर पर बयां करने के लिए खास तौर पर 10…
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भोग ही व्यक्ति का भोग करने लगा है

भोग ने व्यक्ति को पलायनवादी बना दिया है किंतु वह समझ नहीं पा रहा है कि सबसे तो भाग सकता है किंतु स्वयं से भाग कहां सकता है। भोग के क्षणिक उन्माद के पश्चात् जैसे ही पल मात्र के लिए उसका…
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प्रेम में हिसाब किताब नहीं

प्रेम कुछ मांगता नहीं, सभी कुछ न्यौछावर कर एकाकार हो जाना चाहता है, यही प्रेम की प्रवृत्ति है। प्रेम में हिसाब किताब नहीं होता अतः पाने या खोने के भाव से मुक्त रहना ही प्रेम का गुण है…
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आदिवासी नर्तकों ने दिन भर दी मनमोहक नृत्यों की प्रस्तुति

रायपुर| राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का तीसरा और अंतिम दिन भी आज सुबह से शाम तक मांदर की थाप, घुंघरूओं की खनक, मधुर स्वर लहरियों और रंग-बिरंगे परिधानों से गुलजार रहा। विभिन्न राज्यों…
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राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का दूसरा दिन ….

रायपुर|  राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दूसरे दिन आज 29 अक्टूबर को पारंपरिक वेशभूषा, वाद्ययंत्रों के साथ लद्दाख के जबरो, असम के बीहू, मध्यप्रदेश के भगोरिया,केरल के वट्टाकली और…
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राष्ट्रीयआदिवासी नृत्य महोत्सव: दूसरे दिन का आगाज, उत्तराखंड की झींझीहन्ना लोकनृत्य के साथ 

रायपुर| राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में आज दूसरे दिन सुबह 9 बजें से पारम्परिक त्यौहार, अनुष्ठान, फसल कटाई एवं अन्य पारम्परिक विधाओं पर आधारित लोकनृत्य प्रतियोगिता की शुरुआत हुई।…
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छत्तीसगढ़ी कलाकारों के साथ फिलीस्तीन और श्रीलंका के दल ने किया फ्यूजन डांस

रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित  राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में भाग लेने रायपुर आए फिलीस्तीन और श्रीलंका के कलाकारों नेे आज रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में छत्तीसगढ़ी…
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