एनजीओ घोटाला मामले में केंद्रीय मंत्री रेणुका समेत अफसरों को हाई कोर्ट की नोटिस

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य स्रोत निशक्त संस्थान नाम के एनजीओ में कथित 1000 करोड़ रुपये  के घोटाले के मामले में तत्कालीन मंत्री व मौजूदा केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह, समेत आईएएस अफसरों को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने नोटिस जारी की है।

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बिलासपुर| छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य स्रोत निशक्त संस्थान नाम के एनजीओ में कथित 1000 करोड़ रुपये  के घोटाले के मामले में तत्कालीन मंत्री व मौजूदा केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह, समेत आईएएस अफसरों को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने नोटिस जारी की है।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने  राज्य  के समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत राज्य स्रोत निशक्त संस्थान नाम के एनजीओ में कथित रूप से हुए करीब 1000 करोड़ रुपये  के घोटाले के मामले में तत्कालीन मंत्री व मौजूदा केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह, आईएएस आलोक शुक्ला, विवेक ढांड, सुनील कुजुर, एमके राउत और बाबूलाल अग्रवाल को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने नोटिस जारी की है।

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बता दें कुंदन सिंह ठाकुर की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सीबीआई को एफ आई आर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया था। इस आदेश को राऊत और ढांड ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने एफ आई आर और जांच की कार्रवाई के पूर्व उक्त अधिकारियों का पक्ष सुनने का आदेश देते हुए केस वापस हाईकोर्ट भेज दिया था। इसी परिप्रेक्ष्य में केंद्रीय मंत्री व आईएएस अधिकारियों को नोटिस जारी की गई है।

इस मामले में अन्य प्रतिवादी गण पीपी सोती, एमएल पांडे, राजेश तिवारी, अशोक तिवारी, हरमन खलखो, व पंकज वर्मा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से पहले से ही वकालतनामा प्रस्तुत कर दिया है।

ज्ञात हो कि वर्ष 2014 में राज्य निशक्तजन स्रोत संस्थान नाम का एक एनजीओ का गठन समाज कल्याण विभाग में पंजीकृत किया गया था। आरोप है कि तत्कालीन मुख्य सचिव विवेक ढांड सहित 6 आईएएस अफसरों व राज्य सेवा के अन्य अधिकारियों को इससे लाभ पहुंचाया गया। इस एनजीओ को करीब 1000 करोड़ रुपये दिए गए जिसका कोई हिसाब नहीं है। एनजीओ में फर्जी नियुक्तियां कर उनका वेतन भी आहरित करने का आरोप है। याचिकाकर्ता कुंदन सिंह ठाकुर इसी एनजीओ में काम करते थे, जिन्होंने यह गड़बड़ी पाई और सन 2017 में हाईकोर्ट में याचिका लगाई।

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