एक विरोध ऐसा भी: चौक-चौराहों पर लगेगी क्लास, सरकार की नाकामियां भी बताएँगे

समीप के बार नवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र के ग्राम आमगांव के युवक आज से अपने ग्राम के प्राथमिक एवम माध्यमिक शाला के बच्चों को ग्राम के चौक चौराहों पर पढ़ाएंगे. इस दौरान बच्चों को शासन की नाकामियों के बारे में भी बताया जाएगा.

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पिथौरा| समीप के बार नवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र के ग्राम आमगांव के युवक आज से अपने ग्राम के प्राथमिक एवम माध्यमिक शाला के बच्चों को ग्राम के चौक चौराहों पर पढ़ाएंगे. इस दौरान बच्चों को शासन की नाकामियों के बारे में भी बताया जाएगा. ज्ञात हो कि आमगांव के प्राथमिक एवम माध्यमिक स्कूल में पदस्थ दोनों शिक्षकों को अन्यंत्र स्थानांतरित कर दिया गया है जिससे दोनों स्कूल विगत माह भर से शिक्षक विहीन हो जाने से बच्चों का भविष्य अंधकार मय हो गया है.

उक्त सम्बन्ध में आमगांव के सरपंच अनिरुद्ध कुमार दीवान ने बताया कि शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर ऊंचा करने के बड़े बड़े दावों के बीच विगत माह इस ग्राम के एक शिक्षकीय स्कूलों से एक एक शिक्षकों को भी हटा दिया गया जिससे इस ग्राम के दोनों स्कूल शिक्षक विहीन हो गए है. जिसके कारण ग्राम के होनहार माह भर से स्कूल नही जा पा रहे है. इसके लिए सरपंच स्वयम लगातार उच्च अधिकारियों शहीत नेताओ के पीछे दौड़ लगा रहे है परन्तु नतीजा अब तक सिफर ही है.

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 चौक-चौराहों पर लगेगी कक्षाएं
शासन द्वारा बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ के मामले में ग्रामीण खासे आक्रोशित है. ग्राम सरपंच श्री दीवान ने बताया कि आज से ग्राम के चौक चौराहों पर कक्षाएं लगाई जा रही है. जहां ग्राम के बेरोजगार बच्चों को शिक्षा देने के अलावा यह भी बताएंगे कि शासन द्वारा किस तरह ग्रामीण बच्चों का हक छीना जा रहा है.

 कलेक्टर से मुख्यमंत्री–सभी ने दिया आश्वासन
ग्राम आमगांव के ग्रामीण अपने बच्चों के भविष्य को लेकर खासे चिंतित है. ग्रामीणों के अनुसार वे अब तक कम से कम एक शिक्षक भेज कर पढ़ाई प्रारम्भ करवाने की मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास दो बार, पंचायत मंत्री रविन्द्र चौबे के पास 2 बार, सरकार के दमदार मंत्री शिवकुमार डहरिया के पास भी 2 बार, बलौदा बाजार कलेक्टर के पास 3 बार ,और जिला शिक्षा अधिकारी के पास 4 बार लिखित आवेदन देकर मात्र एक शिक्षक पदस्थ करने की मांग कर चुके है.

परन्तु किसी ने भी उनकी मांग पूरी नही की बल्कि सबने यहीं आश्वस्त किया कि जल्दी शिक्षक नियुक्त कर दिया जाएगा. परन्तु किसी भी नेता या अधिकारी ने ग्रामीणों के बच्चों की समस्या को गम्भीरता से नही लिया. लिहाजा अब ग्रामीणों को स्वयम से ग्राम के बेरोजगार युवकों को शिक्षक बना कर उन्हें चौक चौराहों पर बच्चों को पढ़ाने कहा गया है.

deshdigital के लिए रजिंदर खनूजा 

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