सिलगेर : बुधवार तक आंदोलन खत्म होने की संभावना

बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में करीब महीने भर से जारी सिलगेर आंदोलन के कल बुधवार को ख़त्म होने की सम्भावना जताई जा रही है| आज सोनी सोरी के नेतृत्व में बीजापुर कलेक्टर और एसपी से बातचीत हुई। उधर मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रायपुर में मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात की और मामले में दखल देने की मांग की| राज्य सरकार पहले ही कह चुकी है कि सिलगेर में सड़क और पुलिस कैंप बनाने के अभियान पर वह अडिग है| इसी बीच अब सुकमा में धरना देने की तैयारी की भी खबर है।

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बस्तर|   करीब महीने भर से जारी बस्तर के सिलगेर आंदोलन के कल बुधवार को ख़त्म होने की सम्भावना जताई जा रही है| आज सोनी सोरी के नेतृत्व में बीजापुर कलेक्टर और एसपी से बातचीत हुई। उधर मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रायपुर में मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात की और मामले में दखल देने की मांग की| राज्य सरकार पहले ही कह चुकी है कि सिलगेर में सड़क और पुलिस कैंप बनाने के अभियान पर वह अडिग है| इसी बीच अब सुकमा में धरना देने की तैयारी की भी खबर है।

आज मंगलवार  दोपहर 12 बजे बीजापुर जिला प्रशासन की टीम सिलगेर में आंदोलनरत ग्रामीणों से वार्ता करने के लिए तर्रेम पहुंची थी। वहीं आंदोलन कर रहे ग्रामीणों की ओर से एक प्रतिनिधि मंडल ने भी जिला प्रशासन से चर्चा की। ग्रामीणों की तरफ से सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी और 8 से 10 लोग इस वार्ता में शामिल हुए।

 

जिला प्रशासन की और से डीआईजी कोमलसिंह,कलेक्टर रितेश अग्रवाल और एसपी कमलोचन कश्यप ने ग्रामीणों से चर्चा की। चर्चा लगभग दो घंटे तक चली।

ग्रामीणों की और से सोनी सोरी ने कहा कि कोरोना को देखते हुए हमारा प्रतिनिधि मंडल कल कलेक्टर को ज्ञापन सौपेगा और इस आंदोलन को गुरुवार को खत्म करने पर आंदोलनकारियों से बात करेगा। सोनी सोरी ने  कहा कि कोरोनाकाल चल रहा है और कोरोनाकाल में हजारों की संख्या में ग्रामीण आंदोलन कर रहे है । जिससे कोरोना मरीजो की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है।ऐसे में ग्रामीण इस महामारी को रोकने के लिए आंदोलन को खत्म करने पर विचार कर रहे हैं।  वे कोरोना टेस्ट करवाने के लिए भी तैयार हैं ।

कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने भी ग्रामीणों की बातें सुनकर उन्हें आश्वासन दिया है कि शासन की सारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिलेगा।

वहीं एसपी कमलोचन कश्यप ने भी ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल से सकारात्मक चर्चा की बात कही।

बता दें बीजापुर जिले के उसूर तहसील अन्तर्गत तर्रेम क्षेत्र में विगत 25 दिनों से ग्रामीणों द्वारा धरना-प्रदर्शन जारी है। विगत 15 दिनों से उसूर क्षेत्र में 500 से अधिक पाजिटिव्ह मरीजों की पुष्टि की गई है, जबकि धरना प्रदर्शन से पूर्व मात्र 123 केस था ।जिस रफ्तार से केस बढ़ रहे है वह चिंता का विषय है। तर्रेम क्षेत्र सुकमा जिला के बार्डर पर स्थित है वहां भी दिनोंदिन केस बढ़ने के कारण आंशिक लाकडाऊन किया गया है। लगातार पाजिटिव्ह प्रकरण बढ़ने की दशा में तहसील उसूर को कंटेंटमेंट जोन मे घोषित किया गया है एवं सम्पूर्ण क्षेत्र हाट-स्पाँट के रूप में तब्दील हो रहा है जिनमें प्रमुख रुप से  छुटवाही, गगनपल्ली,जारपल्ली ,नरसापुर, मरूड़बाका, पुसबाका ,रासपल्ली, बुदीचेरू,चिपुरभट्टी, पेगड़ापल्ली,आदि गांवों में अधिक मरीज पाए गए हैं।

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