रायगढ़ तहसील कार्यालय में वकीलों ने NT को पीटा,बवाल

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तहसील कार्यालय में आज विवाद जमीन के नामांतरण के दौरान वकीलों ने NT नायब तहसीलदार सहित दो कर्मचारियों की पिटाई कर दी, इससे बवाल मच गया है  |

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रायगढ़ । छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तहसील कार्यालय में आज विवाद जमीन के नामांतरण के दौरान वकीलों ने NT नायब तहसीलदार सहित दो कर्मचारियों की पिटाई कर दी, इससे बवाल मच गया है  | घटना के बाद  विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने दफ्तरों को बंद कर अधिव​क्ताओं के विरोध का प्रदर्शन शुरू कर दिया। इधर वकीलों ने दुर्व्यवहार और बलपूर्वक  दफ्तर से बाहर निकाले जाने के विरोध में प्रदर्शन किया | पुलिस ने 3 वकीलों के खिलाफ  नामजद अपराध दर्ज किया है|

बताया जा रहा कि रेलवे बंगला पारा में रहने वाले रामू राम यादव की जमीन नामांतरण मामले में सिविल कोर्ट ने नामांतरण कराने का फैसला दिया, जिसके बाद पूरी प्रक्रिया तहसील कार्यालय से होनी है, मगर तहसीलदार सुनील अग्रवाल ने कह दिया कि वे नामांतरण नहीं करेंगे, क्योंकि यह फैसला ही गलत है, जिसके बाद से ये पूरी प्रक्रिया तहसील कार्यालय में अटकी हुई थी।

आज इस मामले में राम राम यादव के वकील जितेंद्र शर्मा तहसील ऑफिस पहुँचे और संबंधित दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि तहसीलदार ने गलत फैसला लिया है। इस पर वकील जितेंद्र शर्मा ने तहसीलदार सुनील अग्रवाल के सामने आपत्ति जताई आपत्ति के बाद से ये विवाद शुरू हुआ।

वकील जितेंद्र शर्मा का कहना है कि जब तहसीलदार से बात करने की कोशिश की और उनके फैसले को गलत बताया तो तहसीलदार ने उनके साथ बदसलूकी करते हुए धक्कामुक्की की।

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इसके बाद उनके साथी वकील भी वहा पर पहुंच गए तो तहसील कार्यालय के रामप्रसाद सिदार और अखिलेश समेत अन्य लोगों ने वकीलों से धक्कामुक्की की। वकीलों का आरोप है कि उनके साथ पहले मारपीट की गई है, जिसके बाद बचाव में उन्होंने मारपीट की।

बता दें  कि घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें वकील तहसील कार्यालय के कर्मचारियों को पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। साथ ही वीडियो में ये भी दिखाई दे रहा है कि नायब तहसीलदार विक्रांत राठौर बीच-बचाव करने आते हैं तो पीछे से कुछ वकील उन्हें पीटते हुए नजर आ रहे हैं।

घटना के बाद वकीलों ने तहसील कार्यालय में पहले तो हंगामा किया, फिर कलेक्टर ऑफिस में चले गए। उनका कहना है कि जब तक उन पर कार्रवाई नहीं होगी, हम काम नहीं करेंगे। वकीलों ने तहसील कार्यालय के पास स्थित बार रूम में बैठक भी की और चकधरनगर पुलिस थाने का घेराव कर दिया ।

उधर दूसरी तरफ जिले के सभी अधिकारी कर्मचारियों ने वकीलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि वकीलों ने हमारे साथ मारपीट की है। हमें पीटा गया है, इसलिए हम कार्यालय बंद कर रहे हैं। साथ ही कलेक्टर कार्यालय को भी बंद कर दिया गया । तहसील कार्यालय के कर्मचारी भी कलेक्टोरेट के सामने धरना पर बैठ गए । अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों ने चक्रधरनगर थाने में जाकर घेराव भी कर दिया ।
देर शाम तक तक पुलिस   दोनों पक्षों को समझाने में लगी हुई थी ।

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