पिथौरा का एक पंचायत सचिव ऐसा भी

महासमुंद जिले के पिथौरा  जनपद पंचायत के अधीन पंचायत सचिवों में एक सचिव ऐसा भी है जिसने स्थानांतरण के बाद कभी भी अपने स्थान पर पदस्थ होने वाले सचिव को प्रभार नहीं सौंपा। जनपद अधिकारी की अनेक नोटिस, चेतावनी भी उसके सामने बेअसर रही| लिहाजा अभी भी विकासखण्ड की ग्राम पंचायत बिजेमाल से उन्होंने अपने स्थान पर पदस्थ दूसरे सचिव को प्रभार तो नहीं दिया बल्कि सरपंच के साथ मिलकर कोई डेढ़ लाख रूपयों का आहरण कर लिया।

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पिथौरा| महासमुंद जिले के पिथौरा  जनपद पंचायत के अधीन पंचायत सचिवों में एक सचिव ऐसा भी है जिसने स्थानांतरण के बाद कभी भी अपने स्थान पर पदस्थ होने वाले सचिव को प्रभार नहीं सौंपा। जनपद अधिकारी की अनेक नोटिस, चेतावनी भी उसके सामने बेअसर रही| लिहाजा अभी भी विकासखण्ड की ग्राम पंचायत बिजेमाल से उन्होंने अपने स्थान पर पदस्थ दूसरे सचिव को प्रभार तो नहीं दिया बल्कि सरपंच के साथ मिलकर कोई डेढ़ लाख रूपयों का आहरण कर लिया।

पिथौरा विकासखण्ड में कार्यरत पंचायत सचिवों में एक सचिव नरेंद्र वैष्णव भी है।ये सचिव वर्तमान में खासी चर्चा में है।चर्चा इसलिए नहीं की इनकी पंचायतों ने खासा विकास किया हो बल्कि चर्चा इस बात की है कि इन्होंने अपने कार्यकाल में कोई आधा दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में सचिव के पद पर कार्य किया है। और अब तक किसी भी ग्राम पंचायतों में स्थानांतरण के बाद भी अपने स्थान पर पदस्थ सचिव को प्रभार नहीं दिया और मात्र बैंक के हस्ताक्षर ही बदल कर दूसरी पंचायत का प्रभार ले लिया।

इनके कार्यों की जानकारी ऐसा नहीं की किसी अफसर को पता नहीं है।पंचायतों में गड़बड़ी के बाद बिल वाउचर सहित अन्य किसी भी अभिलेख को इन्होंने अपने स्थानापन्न को नहीं सौंपा। इसकी शिकायत समय समय पर पंचायत प्रतिनिधि एवम सचिव करते रहे हैं।

जनपद से पुनः नोटिस जारी–सीईओ

इस मामले में स्थानीय जनपद पंचायत के सी ई ओ प्रदीप प्रधान ने  बताया कि नरेंद्र वैणाव की शिकायत उन्हें मिली है वे इसकी जांच करवा रहे है।जांच के बाद रिपोर्ट उच्च अफसरों को भेजी जाएगी। अपनी उक्त हरकत के कारण वह एक बार निलंबित भी हो चुका है।

 चार पंचायत सचिव कर चुके शिकायत

विकासखण्ड के सबसे अधिक चर्चित पंचायत सचिव नरेंद्र वैष्णव द्वारा प्रभार नहीं  देने सम्बन्धी शिकायत अब तक कुल चार पंचायत सचिव कर चुके हें।

सन 2018 में ग्राम पंचायत बड़े टेमरी स्थानांतरित सचिव चित्रसेन बारीक ने 24 जुलाई एवम 1 दिसम्बर को जनपद सीईओ के समक्ष वैष्णव द्वारा प्रभार नही देने की शिकायत की थी।

27 मई 2019 एवम 13 जून 19 को नयापारा कला की पंचायत सचिव दुर्गा डड़सेना ने भी वैष्णव के विरुद्ध प्रभार नहीं देने की शिकायत की थी।

10 जून 2021 को बिजेमाल ग्राम पंचायत में पदस्थ होने वाले सचिव सुखसागर जगत ने भी नरेंद्र वैष्णव के विरुद्ध उन्हें नियमानुसार प्रभार नहीं देने की लिखित शिकायत स्थानीय जनपद अधिकारी से की है।

दो बार नोटिस, कार्यवाही नहीं

जनपद सूत्रों के अनुसार अपने अफसरों के आदेश की लगातार अवमानना करने एवम पंचायती राज अधिनियम की धज्जियां उड़ाने वाले सचिव नरेंद्र वैष्णव को 25 जून 2019 को स्थानीय सीईओ प्रदीप प्रधान ने नयापारा कला एवम बड़े टेमरी ग्राम पंचायत का प्रभार तीन दिवस के अंदर सौंपने के निर्देश दिए थे| अनुविभागीय अधिकारी की अनुशंसा पर जारी इस नोटिस के बाद भी उन्होंने दो वर्ष बीत जाने के बाद भी सीईओ के आदेश का पालन नहीं किया और ना ही अफसरों द्वारा इस अवमानना पर कोई कार्यवाही ही की गयी।

बहरहाल अब बिजेमाल में भी प्रभार नहीं देने की शिकायत के बाद स्थानीय जनपद अधिकारों ने पुनः सचिव नरेंद्र वैष्णव को नोटिस जारी कर उसके विरुद्ध जांच के आदेश दिए हैं।

अब देखना यह होगा कि 125 ग्राम पंचायतों के सचिवों को नियमों का पालन सुनिश्चित करवाने पदस्थ सीईओ की नोटिस का पालन होता है या यह भी पूर्व की तरह मात्र नोटिस हो बन कर रह जायेगी।

desh digital के लिए  पिथौरा से रजिंदर खनूजा 

 

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