इंदौर में जैन संत विमद सागर महाराज का शव फांसी पर लटका मिला

मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दिगंबर जैन संत आचार्य श्री 108 विमद सागर महाराज का शव फांसी पर लटका मिला | वह यहाँ चातुर्मास के सिलसिले में आए थे

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भोपाल ।  मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दिगंबर जैन संत आचार्य श्री 108 विमद सागर महाराज का शव फांसी पर लटका मिला | वह यहाँ चातुर्मास के सिलसिले में आए थे | कारणों का खुलासा अभी नहीं हुआ है। । पुलिस फिलहाल जानकारी जुटा रही है।   जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालु मौके पर जमा हो गए  ।

पुलिस के मुताबिक धर्मशाला में संत का शव पंखे से लटका हुआ था और दरवाजा अंदर से बंद था। समाज के लोगों ने उन्हें उतारा। मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है इसलिए कानूनी तरीके से पूरी जांच होगी।

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45 साल के जैन संत आचार्य श्री 108 विमद सागर महाराज  सागर जिले के शाहगढ़ के रहने वाले थे। आचार्य श्री 108 विमद सागर जी महाराज का गृहस्थावस्था में संजय कुमार जैन नाम था। उनका जन्म 9 नवंबर 1976 को हुआ था। उनकी मां का नाम सुशीला और पिता शीलचंद जैन हैं। पिता मलेरिया इंस्पेक्टर रह चुके हैं। उन्होंने 9वीं तक पढ़ाई की थी। उन्होंने 8 अक्टूबर 1992 में आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत लिया।

जानकारी के मुताबिक  आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज से क्षुल्लक दीक्षा 28 जनवरी 1996 में सागर के मंगलगिरि में ली थी। इसके बाद ऐलक दीक्षा 28 जून 1998 को शिकोहाबाद के शोरीपुर में ली। 14 सितंबर 1998 को भिंड के बरासो में विराग सागर जी महाराज से मुनि दीक्षा भी ग्रहण की।

मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक  3 दिन पहले वह एरोड्रम स्थित एक कॉलोनी से इंदौर के 3 नंबर गली नंदा नगर में चातुर्मास के लिए आए थे। शनिवार शाम साढ़े 4 बजे इनके शिष्य अनिल जैन ने पंखे से फंदे पर लटके देखा। उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

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